नवीनतम लेख

मेरे गणनायक तुम आ जाओ (Mere Gannayak Tum Aa Jao)

मेरे गणनायक तुम आ जाओ,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ ॥


मेरी सखियाँ मुझसे पूछे है,

कब आएंगे गजमुख बोलो,

अब अष्ट विनायक आ जाओ,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओं,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ ॥


मन व्याकुल है तन डोले है,

हर साँस मेरी यही बोले है,

अब गौरी नंदन आ जाओ,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओं,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ ॥


गौरा के मन मन का तू गौरव,

शिव जी की अँखियों का तारा,

अब विघ्न विनाशक आ जाओ,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओं,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ ॥


तेरा मुख मंगल की मूरत है,

तेरा दर्श ही गणपति अमृत है,

कभी मुझ पे दया बरसा जाओ,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ ॥


मेरे मन में गणपति भक्ति रहे,

तेरी भक्ति ही दाता शक्ति रहे,

रंग ऐसा मुझपे चढ़ा जाओ,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओं,

मैं तो कबसे बाट निहार रही,

मेरे गणनायक तुम आ जाओ ॥

वसंत पूर्णिमा की पौराणिक कथा

वसंत पूर्णिमा की विशेष पूजा से लेकर अन्य धार्मिक गतिविधियों तक, इस पूर्णिमा को वर्षभर में विशेष महत्व दिया जाता है।

कार्तिक पूर्णिमा के यम नियम

हिंदू धर्म में कार्तिक मास का विशेष महत्व है। यह पवित्र महीना भगवान विष्णु को समर्पित है। इसे धार्मिक जागरण और पुण्य कर्मों का मास भी माना जाता है।

छठ पूजा: कांच ही बांस के बहंगिया (Chhath Puja: Kanch Hi Bans Ke Bahangiya)

कांच ही बांस के बहंगिया,
बहंगी लचकत जाय

ऋषि पंचमी का व्रत रखने से महिलाओं को मिलती है रजस्वला दोष से मुक्ति, पहली बार व्रत रखने पर ध्यान रखें ये नियम

हिंदू धर्म में व्रत रखना एक महत्वपूर्ण परंपरा है। ये हमें अपने जीवन को सुधारने और आध्यात्म से जुड़ने के लिए प्रेरित करती है साथ ही हमारे शरीर का संतुलन भी बना रहता है।