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सबसे पहले मनाऊ गणराज, गजानंद आ जइयो (Sabse Pahle Manau Ganraj Gajanand Aa Jaiyo)

सबसे पहले मनाऊँ गणराज,

गजानंद आ जइयो,

म्हारी विनती सुनो महाराज,

गजानंद आ जइयो ॥


आज ये कैसी शुभ घड़ी आई,

अंगना में मोरे बजत बधाई,

मेरी रख लो सभा में लाज,

गजानंद आ जइयो,

सबसे पहले मनाऊ गणराज,

गजानंद आ जइयो ॥


बड़ा प्रेम से थाने मनाऊं,

मोदक को थाने भोग लगाऊं,

रिद्धि सिद्धि ने लाजो साथ,

गजानंद आ जइयो,

सबसे पहले मनाऊ गणराज,

गजानंद आ जइयो ॥


बल बुद्धि के तुम हो दाता,

जो कोई तुम्हरी शरण में आता,

मैं भी आया शरण में आज,

गजानंद आ जइयो,

सबसे पहले मनाऊ गणराज,

गजानंद आ जइयो ॥


सबसे पहले मनाऊँ गणराज,

गजानंद आ जइयो,

म्हारी विनती सुनो महाराज,

गजानंद आ जइयो ॥

भजमन राम चरण सुखदाई (Bhajman Ram Charan Sukhdayi)

भजमन राम चरण सुखदाई,
भजमन राम चरण सुखदाई ॥

श्री राम, जय राम, जय जय राम: राम धुन (Shri Ram Jay Ram Jay Jay Ram Dhun)

श्री राम, जय राम, जय जय राम
श्री राम, जय राम, जय जय राम

गृह शांति पूजा विधि

हिंदू धर्म में एक परिवार के लिए उसका घर एक मंदिर की तरह होता है। ऐसे में वो नहीं चाहेगा, कि घर में किसी तरह की दिक्कत आए। इसी कारण से लोग घर के लिए गृह शांति पूजा करवाते हैं।

स्कंद षष्ठी पर क्या भोग लगाएं

स्कंद षष्ठी का पर्व भगवान शिव के बड़े पुत्र, भगवान कार्तिकेय को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधिवत पूजा करने से व्यक्ति को मनोवांछित फल की प्राप्ति हो सकती है।