नवीनतम लेख

साँवरे सा कौन(Sanware Sa Kaun)

साँवरे सा कौन,

सांवरे सा कौन,

कोई मुझको बताओ तो सही,

क्यूँ हो सारे मौन,

सांवरे सा कौन ॥


कोई नहीं है मेरे,

साँवरे सा दानी,

कथा शीश दान वाली,

दुनियाँ ने मानी,

जय जयकार बुलाओ तो सही,

सांवरे सा कौन ॥


मेरा श्याम बाबा करता,

नीले की सवारी,

खाटू नगरिया लागे,

भगतों को प्यारी,

दर्शन करने को जाओ तो सही,

सांवरे सा कौन ॥


साथी बनालो अपना,

काली कमली वाला,

यही है वो खोलता जो,

किस्मत का ताला,

‘श्याम’ हाले दिल सुनाओ तो सही,

सांवरे सा कौन ॥


साँवरे सा कौन,

सांवरे सा कौन,

कोई मुझको बताओ तो सही,

क्यूँ हो सारे मौन,

सांवरे सा कौन ॥

बोला प्रभु से यूँ केवट, यह विनती है सरकार (Bola Prabhu Se Yun Kevat Yah Vinati Hai Sarkar)

बोला प्रभु से यूँ केवट,
यह विनती है सरकार,

मन में है विश्वास अगर जो श्याम सहारा मिलता है(Man Mein Hai Vishwas Agar Jo Shyam Sahara Milta Hai)

मन में है विश्वास अगर जो,
श्याम सहारा मिलता है,

अग्नि देवता की पूजा विधि क्या है?

सनातन धर्म में अग्नि देवता को देवताओं का मुख माना जाता है। वे देवताओं और मनुष्यों के बीच एक संदेशवाहक भी माने जाते हैं। अग्नि देवता यज्ञों के देवता भी हैं।

मंत्र जाप के लाभ

‘मंत्र’ शब्द संस्कृत भाषा से आया है। यहां 'म' का अर्थ है मन और 'त्र' का अर्थ है मुक्ति। मंत्रों का जाप मन की चिंताओं को दूर करने, तनाव और रुकावटों को दूर करने एवं आपको बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित करने में मदद करने का एक सिद्ध तरीका है।

यह भी जाने