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साँवरे सा कौन(Sanware Sa Kaun)

साँवरे सा कौन,

सांवरे सा कौन,

कोई मुझको बताओ तो सही,

क्यूँ हो सारे मौन,

सांवरे सा कौन ॥


कोई नहीं है मेरे,

साँवरे सा दानी,

कथा शीश दान वाली,

दुनियाँ ने मानी,

जय जयकार बुलाओ तो सही,

सांवरे सा कौन ॥


मेरा श्याम बाबा करता,

नीले की सवारी,

खाटू नगरिया लागे,

भगतों को प्यारी,

दर्शन करने को जाओ तो सही,

सांवरे सा कौन ॥


साथी बनालो अपना,

काली कमली वाला,

यही है वो खोलता जो,

किस्मत का ताला,

‘श्याम’ हाले दिल सुनाओ तो सही,

सांवरे सा कौन ॥


साँवरे सा कौन,

सांवरे सा कौन,

कोई मुझको बताओ तो सही,

क्यूँ हो सारे मौन,

सांवरे सा कौन ॥

मां वैष्णो देवी चालीसा (Maa Vaishno Devi Chalisa)

गरुड़ वाहिनी वैष्णवी, त्रिकुटा पर्वत धाम
काली, लक्ष्मी, सरस्वती, शक्ति तुम्हें प्रणाम।

ब्रज होली की पौराणिक कथा

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अगहन को मार्गशीर्ष क्यों कहते हैं

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राम नाम तू रटले बन्दे, जीवन है ये थोडा(Ram Naam Tu Ratle Bande Jeevan Hai Ye Thoda)

राम नाम तू रटले बन्दे,
जीवन है ये थोडा,

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