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गणपति तेरे चरणों की, पग धूल जो मिल जाए (Ganapati Tere Charno Ki Pag Dhool Jo Mil Jaye)

गणपति तेरे चरणों की,

बप्पा तेरे चरणों की,

पग धूल जो मिल जाए,

सच कहता हूँ गणपति,

तकदीर सम्भल जाए,

गणपति तेरें चरणों की ॥


सुनते है तेरी रेहमत,

दिन रात बरसती है,

इक बूँद जो मिल जाए,

मन की कली खिल जाए,

गणपति तेरें चरणों की ॥


ये मन बड़ा चंचल है,

कैसे तेरा भजन करूँ,

जितना इसे समझाऊं,

उतना ही मचल जाए,

गणपति तेरें चरणों की ॥


नजरो से गिराना ना,

चाहे जो भी सजा देना,

नजरो से जो गिर जाए,

मुश्किल ही संभल पाए,

गणपति तेरें चरणों की ॥


बप्पा इस जीवन की,

बस एक तम्मना है,

तुम सामने हो मेरे,

मेरा दम ही निकल जाए,

गणपति तेरें चरणों की ॥


गणपति तेरे चरणों की,

बप्पा तेरे चरणों की,

पग धूल जो मिल जाए,

सच कहता हूँ गणपति,

तकदीर सम्भल जाए,

गणपति तेरें चरणों की ॥

हम वन के वासी, नगर जगाने आए (Hum Van Ke Vaasi Nagar Jagane Aaye)

हम वन के वासी,
नगर जगाने आए ॥

कार्तिगाई दीपम क्यों मनाते हैं

कार्तिगाई दीपम पर्व प्रमुख रूप से तमिलनाडु, श्रीलंका समेत विश्व के कई तमिल बहुल देशों में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और उनके पुत्र कार्तिकेय की पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

नौ नौ रूप मैया के तो, बड़े प्यारे लागे (Nau Nau Roop Maiya Ke To Bade Pyare Lage)

नौ नौ रूप मैया के तो,
बड़े प्यारे लागे,

दर्श अमावस्या के उपाय क्या हैं?

हिंदू धर्म में दर्श अमावस्या एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो पितरों को समर्पित है। इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा-अर्चना, तर्पण और दान किया जाता है।

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