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गणपति तेरे चरणों की, पग धूल जो मिल जाए (Ganapati Tere Charno Ki Pag Dhool Jo Mil Jaye)

गणपति तेरे चरणों की,

बप्पा तेरे चरणों की,

पग धूल जो मिल जाए,

सच कहता हूँ गणपति,

तकदीर सम्भल जाए,

गणपति तेरें चरणों की ॥


सुनते है तेरी रेहमत,

दिन रात बरसती है,

इक बूँद जो मिल जाए,

मन की कली खिल जाए,

गणपति तेरें चरणों की ॥


ये मन बड़ा चंचल है,

कैसे तेरा भजन करूँ,

जितना इसे समझाऊं,

उतना ही मचल जाए,

गणपति तेरें चरणों की ॥


नजरो से गिराना ना,

चाहे जो भी सजा देना,

नजरो से जो गिर जाए,

मुश्किल ही संभल पाए,

गणपति तेरें चरणों की ॥


बप्पा इस जीवन की,

बस एक तम्मना है,

तुम सामने हो मेरे,

मेरा दम ही निकल जाए,

गणपति तेरें चरणों की ॥


गणपति तेरे चरणों की,

बप्पा तेरे चरणों की,

पग धूल जो मिल जाए,

सच कहता हूँ गणपति,

तकदीर सम्भल जाए,

गणपति तेरें चरणों की ॥

मेरी आखिओं के सामने ही रहना(Meri Akhion Ke Samne Hi Rehina Oh Shero Wali Jagdambe)

मेरी आखिओं के सामने ही रहना,
माँ शेरों वाली जगदम्बे ।

डाल रही वरमाला अब तो जानकी (Daal Rahi Varmala Ab To Janaki)

डाल रही वरमाला अब तो जानकी,
धनुष तोड़ा शिव जी का,

वार्षिक श्राद्ध पूजा विधि

हिंदू धर्म में श्राद्ध पूजा का विशेष महत्व है। यह पितरों यानी पूर्वजों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक प्रमुख अनुष्ठान है। जो सदियों से हिंदू संस्कृति में करा जाता है। श्राद्ध संस्कार में पिंडदान, और ब्राह्मण भोजन कराया जाता है।

राम नाम तू जप ले रे बंदे, बनेंगे तेरे काम(Ram Naam Tu Japle Re Bande Banenge Tere Kaam)

राम नाम तू जप ले रे बंदे,
बनेंगे तेरे काम,

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