नवीनतम लेख

हे संकट मोचन करते है वंदन(Hey Sankat Mochan Karte Hai Vandan)

हे संकट मोचन करते है वंदन,

तुम्हरे बिना संकट कौन हरे,

सालासर वाले तुम हो रखवाले,

तुम्हरे बिना संकट कौन हरे ॥


सिवा तेरे ना दूजा हमारा,

तू ही आकर के देता सहारा,

जो भी विपदा आए,

पल में मिट जाए,

तुम्हरे बिना संकट कौन हरे ॥


तूने रघुवर के दुखड़ो को टाला,

हर मुसीबत से उनको निकाला,

रघुवर के प्यारे,

आँखों के तारे,

तुम्हरे बिना संकट कौन हरे ॥


अपने भगतो के दुखड़े मिटाते,

‘हर्ष’ आफत से हमको बचाते,

किरपा यूँ रखना,

थामे तू रखना,

तुम्हरे बिना संकट कौन हरे ॥


हे संकट मोचन करते है वंदन,

तुम्हरे बिना संकट कौन हरे,

सालासर वाले तुम हो रखवाले,

तुम्हरे बिना संकट कौन हरे ॥

श्री राम स्तुति: नमामि भक्त वत्सलं (Namami Bhakt Vatsalan)

नमामि भक्त वत्सलं ।
कृपालु शील कोमलं ॥

जय बजरंगी बोले, वो कभी ना डोले (Jay Bajrangi Bole Vo Kabhi Na Dole)

बोले बोले रे जयकारा,
जो बाबा का बोले,

मेरे घनश्याम से तुम मिला दो (Mere Ghanshyam Se Tum Mila Do)

मेरे घनश्याम से तुम मिला दो,
मैं हूँ उनका यार पुराना,

गुरु पूर्णिमा की रोचक कथा

वैदिक पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह पूर्णिमा तिथि आती है, और इस दिन व्रत का विधान होता है। हालांकि, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली पूर्णिमा को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।

यह भी जाने