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मेरे घनश्याम से तुम मिला दो (Mere Ghanshyam Se Tum Mila Do)

मेरे घनश्याम से तुम मिला दो,

मैं हूँ उनका यार पुराना,

उनसे बिछड़े हुआ जमाना,

याद मुझे उनकी आयी है,

अखियाँ मेरी भर आयी है,

मैं तो आया हूँ इस दर पे,

मिला दो मिला दो,

अरे द्वारपालों,

मेरे घनश्याम से तुम मिला दों ॥


नाम मेरा बता दो,

हाल सारा सुना दो,

उनसे कहदो के द्वारे,

सुदामा खड़ा,

इतने में वो तो जान ही लेंगे,

बस मुझको पहचान ही लेंगे,

मैं तो आया हूँ इस दर पे,

मिला दो मिला दो,

अरे द्वारपालों,

मेरे घनश्याम से तुम मिला दों ॥


जाके प्रभु को बताया,

हाल सारा सुनाया,

प्रभु द्वारे पे मिलने,

सुदामा खड़ा,

है वो सूरत से भोला,

मुझसे हक से वो बोला,

वो बताता है नाता,

पुराना बडा,

इतनी सुनकर प्रभु उठ भागे,

नंगे पैरों दौड़न लागे,

मेरा आया है आज यार,

मिला दो मिला दो,

अरे द्वारपालों,

मेरे बालसखा से मिला दो ॥


दुर्दशा जो सुदामा की,

देखे कन्हैया,

तो आंखों से अश्रु,

बरसने लगे,

बिठा अपनी गद्दी पे,

ढाढस बँधाया,

और हाथो से चरणों को,

धोने लगे,

इतने दिन तू क्यों दुख पाया,

क्या तुझको मैं याद ना आया,

तूने दुखाया दिल यार,

लगाले लगाले लगाले सुदामा,

अपने सीने से मुझको लगा ले ॥


मैं हूँ उनका यार पुराना,

उनसे बिछड़े हुआ जमाना,

याद मुझे उनकी आयी है,

अखियाँ मेरी भर आयी है,

मैं तो आया हूँ इस दर पे,

मिला दो मिला दो,

अरे द्वारपालों,

मेरे घनश्याम से तुम मिला दो,

मेरे घनश्याम से तुम मिला दो ॥

29 या 30 नवंबर, मासिक शिवरात्रि कब है?

मासिक शिवरात्रि का पर्व हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है।

कल्कि अवतार की पूजा कैसे करें?

हिन्दू धर्म के अनुसार, भगवान विष्णु समय-समय पर धर्म की स्थापना और अधर्म का नाश करने के लिए अवतार लेते हैं। कल्कि, विष्णु के दसवें और अंतिम अवतार माने जाते हैं।

तुम्ही मेरी नइया, किनारा तुम्ही हो (Tumhi Meri Naiya Kinara Tumhi Ho)

तुम्ही मेरी नइया,
किनारा तुम्ही हो,