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जय हो, जय हो महाकाल राजा (Jai Ho Jai ho Mahakal Raja)

जय हो जय हो महाकाल राजा,

तेरी किरपा की छाई है छाया ।

जय हो जय हो महाकाल राजा,

तेरी किरपा की छाई है छाया ।

हर तरफ तू ही तू है समाया,

धन्य तेरी है तेरी ही माया ।

जय हो जय हो महाकाल राजा,

तेरी किरपा की छाई है छाया ।


तुमने देवो को अमृत दिया है,

आपने खुद ही विष को पिया है ॥

देवताओं का मान बडाया,

सागरमंथन के विष से बचाया ॥


जय हो जय हो महाकाल राजा,

तेरी किरपा की छाई है छाया ॥


वरदानी हो भोले कैलाशी,

डमरू वाले है काशी के वासी ॥

गले सर्पो का हार सजाया,

सर भभुति का टीका लगाया ॥


जय हो जय हो महाकाल राजा,

तेरी किरपा की छाई है छाया ॥


भोले जिसने भी तुमको पुकारा,

तुमने उनको दिया है सहारा ॥

सारे भगतो का मान बड़ाया,

तेरे चरणो में शिवाजी आया ॥


जय हो जय हो महाकाल राजा,

तेरी किरपा की छाई है छाया ॥

लगन तुमसे लगा बैठे, जो होगा देखा जाएगा (Lagan Tumse Laga Baithe Jo Hoga Dekha Jayega)

मोहे लागी रे लगन महाकाल की लगन,
तुम्हारे नाम से किस्मत मेरी सजा लू मैं,

ओ शंकर भोले, जपती मैं तुमको हरदम (O Shankar Bhole Japti Main Tumko Hardam)

ओ शंकर भोले,
जपती मैं तुमको हरदम,

रंग पंचमी के उपाय

रंग पंचमी हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है और इसे होली के पांचवें दिन मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवी-देवता पृथ्वी पर आकर भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।

मोक्षदा एकादशी पर इन राशियों को होगा लाभ

11 दिसंबर 2024 को मोक्षदा एकादशी के पावन अवसर पर शुक्र देव श्रवण नक्षत्र में गोचर करेंगे। शुक्र ग्रह को सुख, ऐश्वर्य, और भौतिक संपन्नता का कारक माना जाता है।

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