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जिन भवानी माँ (Jeen Bhawani Maa)

जिन भवानी माँ,

थारी महिमा न्यारी है,

थाने पुजे दुनिया सारी है ॥


ममतामयी मेरी मां,

करुणा मयी मेरी मां,

म्हे बालक हा नादान,

हे बुध्दी मति माता,

हे जगमती माता,

म्हे निर्गुण दयो थे ज्ञान,

आनंद कर दयो मां,

जग विख्यात थारी दातारी है,

थाने पुजे दुनिया सारी है,

जिन भवानी मां,

थारी महिमा न्यारी है ॥


हे जग पटरानी मां,

थे हो कल्याणी मां,

अरज स्वीकार करो,

हे शक्ति प्रदायनि मां,

हे भक्ति प्रदायनि मां,

सुख सु यश प्रदान करो,

म्हे टाबर थारा,

तु ही कुल की धणीयानी है,

थाने पुजे दुनिया सारी है,

जिन भवानी मां,

थारी महिमा न्यारी है ॥


मरुधर मे गोरिया धाम,

तीरथ बन्यो महान,

बठे थे बिराजो हो,

सागे हर्ष भैरो जी,

काटे कस्ट सके जी,

सबका कारज साधो हो,

निर्मल बोले माँ,

तु तो भक्ता की हितकारी है,

थाने पुजे दुनिया सारी है,

जिन भवानी मां,

थारी महिमा न्यारी है ॥


जिन भवानी माँ,

थारी महिमा न्यारी है,

थाने पुजे दुनिया सारी है ॥

विनायक चतुर्थी चालीसा

विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश और शिव परिवार की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता है कि गणपति बप्पा की पूजा करने से सभी तरह के विघ्न दूर होते हैं। इसलिए भगवान गणेश को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है।

आज है जानकी जयंती 2025

हिंदू धर्म में जानकी जयंती का बहुत महत्व है। इस पर्व को माता सीता के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। साल 2025 में जानकी जयंती आज यानी 21 फरवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी।

धन्वंतरि स्तोत्र (Dhanvantari Stotram)

ॐ शंखं चक्रं जलौकां दधदमृतघटं चारुदोर्भिश्चतुर्मिः।
सूक्ष्मस्वच्छातिहृद्यांशुक परिविलसन्मौलिमंभोजनेत्रम॥

हरियाली तीज: शिव-पार्वती से सीखें रिश्ते सहेजना

शिव और पार्वती की प्रेम कहानी एक अनोखी और प्यारी कहानी है, जो हमें रिश्तों के मायने सिखाती है। यह कहानी हमें बताती है कि प्यार और सम्मान से भरे रिश्ते को कैसे बनाए रखा जा सकता है। हरियाली तीज का पर्व शिव और पार्वती के प्रेम की याद दिलाता है।