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कान्हा वे असां तेरा जन्मदिन मनावणा (Kahna Ve Assan Tera Janmdin Manavna)

रीझा भरी घडी यह आई,

घर घर होई रोशनाई

मात यशोदा लल्ला जाया,

सुनंदा ने थाल वजायी


कान्हा वे असां तेरा जन्मदिन मनावणा

मोहना वे असां तेरा जन्मदिन मानवना

असां नाचना ते तैनू नचावना,

असां नाचना ते तैनू नचावना

॥कान्हा वे असां तेरा जन्मदिन...॥


वांग भोले दे अलख जगाई ए

मात यशोदा तो बक्शीश पायी ए

नाले तेरा है दर्शन पावना,

नाले तेरा है दर्शन पावना

मोहना वे असां तेरा जन्मदिन मानवना

॥कान्हा वे असां तेरा जन्मदिन...॥


विच ख़ुशी दे होए मस्ताने

प्रेम तेरे दे बने परवाने

साडा प्यार कदे ना भुलावना,

साडा प्यार कदे ना भुलावना

मोहना वे असां तेरा जन्मदिन मानवना

॥कान्हा वे असां तेरा जन्मदिन...॥


वजदे ढोल ते वज्जे शहनाई

कमल कपिल पूरी आये दोनों भाई

एहना तेरा ही नाम जपावना,

एहना तेरा ही नाम जपावना

मोहना वे असां तेरा जन्मदिन मानवना

॥कान्हा वे असां तेरा जन्मदिन...॥


कान्हा वे असां तेरा जन्मदिन मनावणा

मोहना वे असां तेरा जन्मदिन मानवना

असां नाचना ते तैनू नचावना,

असां नाचना ते तैनू नचावना

ब्रज होली की पौराणिक कथा

होली का नाम सुनते ही हमारे मन में रंगों की खुशबू, उत्साह और व्यंजनों की खुशबू बस जाती है। यह भारत के सबसे पुराने और सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, लेकिन इसकी उत्पत्ति के बारे में कोई निश्चित जानकारी नहीं है। हालांकि, होली से जुड़ी कई किंवदंतियां हैं।

देव है ये भोले भक्तो का, खुद भी भोला भाला (Dev Hai Ye Bhole Bhakto Ka Khud Bhi Bhola Bhala)

देव है ये भोले भक्तो का,
खुद भी भोला भाला,

विनायक चतुर्थी शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना जाता है। विनायक चतुर्थी, उन्हीं को समर्पित एक त्योहार है। यह फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है।

बजरंगी महाराज, तुम्हे भक्त बुलाते है (Bajrangi Maharaj Tumhe Bhakt Bulate Hai)

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तुम्हे भक्त बुलाते है,

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