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खाटू वाले श्याम धणी को, हैलो आयो है(Khatu Wale Shyam Dhani Ko Helo Aayo Hai)

खाटू चालों खाटू चालों,

खाटू वाले श्याम धणी को,

हैलो आयो है,

रंग रंगिलों फागणिये को,

मेलो आयो है,

खाटू चालों खाटू चालों ॥


जगह जगह से,

प्रेमियाँ की टोली आवे है,

नाच झूम के बाबा ने,

निशान चढ़ावें है,

चाव घणों है सब भक्ता को,

मन हर्षायो है,

रंग रंगिलों फागणिये को,

मेलो आयो है,

खाटू चालों खाटू चालों ॥


रंग अबीर उड़ावे सगला,

उधम मचावे है,

जोर जोर से श्याम की,

जय जयकार लगावे है,

भक्ता को खाटू नगरी,

में रेलो आयों है,

रंग रंगिलों फागणिये को,

मेलो आयो है,

खाटू चालों खाटू चालों ॥


फागणिये में रंग रसिया को,

खूब सजे दरबार,

मांगणिये का भरे खजाना,

श्याम धनी दातार,

‘गोलू’ के मन की मत पूछो,

आनंद छायों है,

रंग रंगिलों फागणिये को,

मेलो आयो है,

खाटू चालों खाटू चालों ॥


खाटू चालों खाटू चालों,

खाटू वाले श्याम धणी को,

हैलो आयो है,

रंग रंगिलों फागणिये को,

मेलो आयो है,

खाटू चालों खाटू चालों ॥

श्री रुद्राष्टकम् मंत्र (Sri Rudrashtakam Mantra)

॥ श्रीरुद्राष्टकम् ॥
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् ।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥ १॥ ॥ Shrirudrashtakam ॥
namaamishmishan nirvanarupam
vibhum vyapakam bramvedasvarupam .
nijam nirgunam nirvikalpam niriham
chidakashamakashavasam bhaje̕ham . 1.

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