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कीर्तन रचो है म्हारे आंगने(Kirtan Racho Hai Mhare Angane)

कीर्तन रचो है म्हारे आंगने,

आओ-आओ गौरा जी रा लाल,

कारज सफल करो ।


रिधि-सिद्धि ने सागे लया,

जो अनधन सा भरे जो भंडार,

कारज सफल करो ।


आओ-आओ गौरा जी रा लाल,

कारज सफल करो ।


सोने री थाली में मोदक ल्याया बाबा,

थे पाओ गोरा जी रा लाल

कारज सफल करो ।


आओ-आओ गौरा जी रा लाल,

कारज सफल करो ।


फुल्डा माला लाया विनायक,

म्हारे सिर पर रख दीज्यो हाथ,

कारज सफल करो ।


आओ-आओ गौरा जी रा लाल,

कारज सफल करो ।

अन्वाधान के दिन किसकी पूजा होती है

भारत में अन्वाधान का अपना एक अलग स्थान है। अन्वाधान कृषि चक्र और आध्यात्मिक उन्नति से जुड़ा पर्व है। इन्हें जीवन को पोषित करने वाली दिव्य शक्तियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु मनाया जाता है।

धरा पर अँधेरा बहुत छा रहा है (Dhara Par Andhera Bahut Chha Raha Hai)

धरा पर अँधेरा बहुत छा रहा है।
दिये से दिये को जलाना पड़ेगा॥

छठ पूजा: कांच ही बांस के बहंगिया (Chhath Puja: Kanch Hi Bans Ke Bahangiya)

कांच ही बांस के बहंगिया,
बहंगी लचकत जाय

मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो (Maiya Mori Mai Nahi Makhan Khayo)

मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो ।

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