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क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी (Kshama Karo Tum Mere Prabhuji)

क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी,

अब तक के सारे अपराध


धो डालो तन की चादर को,

लगे है उसमे जो भी दाग

॥ क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी...॥


तुम तो प्रभुजी मानसरोवर,

अमृत जल से भरे हुए


पारस तुम हो, इक लोहा मै,

कंचन होवे जो ही छुवे


तज के जग की सारी माया,

तुमसे कर लू मै अनुराग


धो डालो तन की चादर को,

लगे है उसमे जो भी दाग

॥ क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी...॥


काम क्रोध में फंसा रहा मन,

सच्ची डगर नहीं जानी


लोभ मोह मद में रहकर प्रभु,

कर डाली मनमानी


मनमानी में दिशा गलत लें,

पंहुचा वहां जहाँ है आग


धो डालो तन की चादर को,

लगे है उसमे जो भी दाग

॥ क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी...॥


इस सुन्दर तन की रचना कर,

तुमने जो उपकार किया


हमने उस सुन्दर तन पर प्रभु,

अपराधो का भार दिया


नारायण अब शरण तुम्हारे,

तुमसे प्रीत होये निज राग


क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी,

अब तक के सारे अपराध


धो डालो तन की चादर को,

लगे है उसमे जो भी दाग

॥ क्षमा करो तुम मेरे प्रभुजी...॥

मनमोहन कान्हा विनती करू दिन रेन(Manmohan Kanha Vinti Karu Din Rain)

मनमोहन कान्हा विनती करू दिन रेन,
राह तके मेरे नैन, राह तके मेरे नैन,

दिसंबर में कब है अनंग त्रयोदशी व्रत

प्रदोष व्रत भगवान शिव की पूजा को समर्पित एक पवित्र दिन है। इसे हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत का पालन करने से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।

थारे बिन मैया कुण म्हारो है दादी(Thare Bin Maiya Kun Mharo Hai Dadi)

थारे बिन मैया कुण म्हारो है,
थारे बिण मैया कुण म्हारो है,

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