नवीनतम लेख

मदन गोपाल शरण तेरी आयो (Madan Gopal Sharan Teri Aayo)

मदन गोपाल शरण तेरी आयो,

चरण कमल की सेवा दीजै,

चेरो करि राखो घर जायो,

मदन गोपाल शरण तेरी आयों ॥


धनि-धनि मात पिता सुत बन्धु,

धनि जननी जिन गोद खिलायो,

मदन गोपाल शरण तेरी आयों ॥


धनि-धनि चरण चलत तीरथ को,

धनि गुरु जिन हरिनाम सुनायो,

मदन गोपाल शरण तेरी आयों ॥


जे नर बिमुख भये गोविन्द सों,

जनम अनेक महा दुःख पायो,

मदन गोपाल शरण तेरी आयों ॥


‘श्री भट्ट’ के प्रभु दियो अभय पद,

यम डरप्यो जब दास कहायो,

मदन गोपाल शरण तेरी आयों ॥


मदन गोपाल शरण तेरी आयो,

चरण कमल की सेवा दीजै,

चेरो करि राखो घर जायो,

मदन गोपाल शरण तेरी आयों ॥

दुर्गा माता कथा

एक समय बृहस्पति जी ब्रह्माजी से बोले- हे ब्रह्मन श्रेष्ठ! चौत्र व आश्विन मास के शुक्लपक्ष में नवरात्र का व्रत और उत्सव क्यों किया जाता है?

लाऊँ कहाँ से, भोलेनाथ तेरी भंगिया(Lau Kaha Se Bhole Nath Teri Bhangiya)

लाऊँ कहाँ से,
भोलेनाथ तेरी भंगिया,

जयपुर से लाई मैं तो चुनरी (Jaipur Se Layi Main Chunri)

जयपुर से लाई मैं तो,
चुनरी रंगवाई के,

धन्य वह घर ही है मंदिर, जहाँ होती है रामायण (Dhanya Wah Ghar Hi Hai Mandir Jahan Hoti Hai Ramayan)

धन्य वह घर ही है मंदिर,
जहाँ होती है रामायण,

यह भी जाने