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मैं हर दिन हर पल हर लम्हा, माँ ज्वाला के गुण गाता हूँ (Main Har Din Har Pal Har Lamha Maa Jwala Ke Gun Gata Hu)

मैं हर दिन हर पल हर लम्हा,

माँ ज्वाला के गुण गाता हूँ,

आ गई माँ सिरसा में रहने,

सबको यूँ बतलाता हूँ ॥


भक्तों ने जा भवन तुम्हारे,

तुमको शीश नवाया माँ,

हाथ जोड़कर करी बिनती,

संग में चलो महामाया,

मैं बैठ सामने ज्योत तेरी के,

मीठे भजन सुनाता हूँ,

आ गई माँ सिरसा में रहने,

सबको यूँ बतलाता हूँ ॥


सुंदर सी चौकी पर माँ,

मखमल गद्दी लगवाउँ मैं,

रूप सिंगारन पुष्प सुगंधित,

ताजी कलियां लाऊं मैं,

मैं खुद दर्शन कर रोज सवेरे,

सबको दर्श कराता हूँ,

आ गई माँ सिरसा में रहने,

सबको यूँ बतलाता हूँ ॥


‘माँ भगवती सेवा दल’,

ये करे तुम्हारी सेवा माँ,

भोग लगाने लाते मैया,

हलवा पुरी मेवा माँ,

माँ सिरसा मे रहे वास तुम्हारा,

यही मैं अर्ज लगाता हूँ,

आ गई माँ सिरसा में रहने,

सबको यूँ बतलाता हूँ ॥


मैं हर दिन हर पल हर लम्हा,

माँ ज्वाला के गुण गाता हूँ,

आ गई माँ सिरसा में रहने,

सबको यूँ बतलाता हूँ ॥

महाशिवरात्रि व्रत कथा प्रारम्भ | क्या शिवरात्रि पर व्रत करने से मुक्ति संभव

भगवान शिव की महिमा सुनकर एक बार ऋषियों ने सूत जी से कहा- हे सूत जी आपकी अमृतमयी वाणी और आशुतोष भगवान शिव की महिमा सुनकर तो हम परम आनन्दित हुए।

पितृ पक्ष की पौराणिक कथा

संतान के द्वारा श्राद्धकर्म और पिंडदान आदि करने पर पितरों को तृप्ति मिलती है, और वे अपनी संतानों को धन-धान्य और खुश रहने का आशीर्वाद देते हैं।

मेरे राघव जी उतरेंगे पार, गंगा मैया धीरे बहो(Mere Raghav Ji Utrenge Paar, Ganga Maiya Dheere Baho)

मेरे राघव जी उतरेंगे पार,
गंगा मैया धीरे बहो,

मां काली की पूजा विधि

मां काली को शक्ति, विनाश और परिवर्तन की प्रतीक हैं। उन्हें दुर्गा का एक रूप माना जाता है और वे दस महाविद्याओं में से एक हैं। मां काली का रूप उग्र और भयानक है, लेकिन वे अपने भक्तों के लिए सुरक्षा प्रदान करती हैं।

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