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ओम जय गौरी नंदा (Om Jai Gauri Nanda)

ॐ जय गौरी नंदा,

प्रभु जय गौरी नंदा,

गणपति आनंद कंदा,

गणपति आनंद कंदा,

मैं चरणन वंदा,

ॐ जय गौरी नंदा ॥


सूंड सूंडालो नयन विशालो,

कुण्डल झलकंता,

प्रभु कुण्डल झलकंता,

कुमकुम केसर चन्दन,

कुमकुम केसर चन्दन,

सिंदूर बदन वंदा,

ॐ जय गौरी नंदा ॥


ॐ जय गौरी नंदा,

प्रभु जय गौरी नंदा,

गणपति आनंद कंदा,

गणपति आनंद कंदा,

मैं चरणन वंदा,

ॐ जय गौरी नंदा ॥


मुकुट सुगढ़ सोहंता,

मस्तक सोहंता,

प्रभु मस्तक सोहंता,

बईया बाजूबन्दा,

बईया बाजूबन्दा,

ओंची निरखंता,

ॐ जय गौरी नंदा ॥


ॐ जय गौरी नंदा,

प्रभु जय गौरी नंदा,

गणपति आनंद कंदा,

गणपति आनंद कंदा,

मैं चरणन वंदा,

ॐ जय गौरी नंदा ॥


मूषक वाहन राजत,

शिव सूत आनंदा,

प्रभु शिव सूत आनंदा,

कहत शिवानन्द स्वामी,

जपत शिवानन्द स्वामी,

मिटत भव फंदा,

ॐ जय गौरी नंदा ॥


ओम जय गौरी नंदा,

प्रभु जय गौरी नंदा,

गणपति आनंद कंदा,

गणपति आनंद कंदा,

मैं चरणन वंदा,

ॐ जय गौरी नंदा ॥


मुरली वाले ने घेर लयी, अकेली पनिया गयी (Murli Wale Ne Gher Layi)

मुरली वाले ने घेर लयी
अकेली पनिया गयी ॥

दिया थाली बिच जलता है(Diya Thali Vich Jalta Hai)

दिया थाली बिच जलता है,
ऊपर माँ का भवन बना,

अनंत पूजा और विश्वकर्मा पूजा का विशेष संगम

17 सितंबर को एक खास दिन है, जब अनंत चतुर्दशी व्रत, अनंत पूजा और बाबा विश्वकर्मा पूजा एक साथ मनाए जाएंगे। यह दिन भगवान विष्णु और भगवान विश्वकर्मा की विशेष आराधना का अवसर है। इन दोनों पूजा विधियों के धार्मिक महत्व और अनुष्ठानों पर आइए विस्तार से नजर डालते हैं

तुलसी की पूजा विधि

हिंदू धर्म में तुलसी को बेहद पुजनीय माना जाता है। तुलसी को विष्णुप्रिया और हरिप्रिया भी कहा जाता है। इतना ही नहीं, तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है।

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