नवीनतम लेख

मन नो मोरलियो रटे(Man No Moraliyo Rate )

मन नो मोरलियो,

रटे तारु नाम,

म्हारी झोपड़िये,

आवो म्हारा राम,

एक वार आवी पुर,

हईया केरी हाम,

म्हारी झोपड़िये,

आवो म्हारा राम ॥


सूरज उगे ने म्हारी,

उगती रे आशा,

संध्या ढ़ले ने म्हने,

मढ़ती निराशा,

रात दिवस म्हने,

सूझे नहीं काम,

म्हारी झोपड़िये,

आवो म्हारा राम,

मन नो मोरलियों,

रटे तारु नाम,

म्हारी झोपड़िये,

आवो म्हारा राम ॥


आँखड़लिये म्हने,

आंसू दिखाए से,

दर्शन बिन म्हारो,

दिलड़ो डुबाए से,

नहीं रे आवो तो वाला,

जासे म्हारा प्राण,

म्हारी झोपड़िये,

आवो म्हारा राम,

मन नो मोरलियों,

रटे तारु नाम,

म्हारी झोपड़िये,

आवो म्हारा राम ॥


एक वार वाला तारी,

झांकी जो थाए,

आँसुना बिंदुति,

धोऊं थारा पाए,

मांगू सदा थारा,

चरणों मा वास,

म्हारी झोपड़िये,

आवो म्हारा राम,

मन नो मोरलियों,

रटे तारु नाम,

म्हारी झोपड़िये,

आवो म्हारा राम ॥


रघुवीर राम ने,

बहु या छू,

दान शांति नु,

कर दो ने साचु,

सपनो साकार,

करो म्हारा राम,

म्हारी झोपड़िये,

आवो म्हारा राम,

मन नो मोरलियों,

रटे तारु नाम,

म्हारी झोपड़िये,

आवो म्हारा राम ॥


मन नो मोरलियो,

रटे तारु नाम,

म्हारी झोपड़िये,

आवो म्हारा राम,

एक वार आवी पुर,

हईया केरी हाम,

म्हारी झोपड़िये,

आवो म्हारा राम ॥

रथ सप्तमी उपाय 2025

रथ-सप्तमी का पर्व हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल रथ-सप्तमी का पर्व 4 फरवरी 2025 को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान सूर्य देव को समर्पित है।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर कैसे करें तर्पण

मार्गशीर्ष माह भगवान कृष्ण, जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित होता है। ऐसे में इस माह में जो पूर्णिमा तिथि आती है।

अन्नपूर्णा जयंती के दिन उपाय

सनातन धर्म में माता अन्नपूर्णा को अन्न की देवी माना गया है। इसलिए, हर साल मार्गशीर्ष माह में अन्नपूर्णा जयंती मनायी जाती है। मान्यताओं के अनुसार इस दिन माता पार्वती धरती पर मां अन्नपूर्णा के रूप में अवतरित हुई थीं।

यशोदा माँ के होयो लाल, बधाई सारे भक्ता ने (Yasoda Ma Ke Hoyo Laal Badhai Saare Bhagta Ne)

यशोदा माँ के होयो लाल,
बधाई सारे भक्ता ने,

यह भी जाने