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मेरे पवनपुत्र हनुमान, करूं मैं तेरा हर पल ध्यान (Mere Pawanputra Hanuman Karu Main Tera Har Pal Dhyan)

मेरे पवनपुत्र हनुमान,

करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,

नज़र मो पे रखना तू हनुमान,

नज़र मो पे रखना तू ॥


तेरी मूरतिया पे मन मोरा अटका,

चढ़ाऊं तो पे सिंदूरी पटका,

तेरा संकटमोचन नाम ओ,

तेरा संकटमोचन नाम,

करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,

नज़र मो पे रखना तू हनुमान,

नज़र मो पे रखना तू ॥


तेरी गदा पर मन मेरा अटका,

प्यारी कथाओं में मन मोरा भटका,

तेरे अद्भुत सारे काम ओ,

तेरे अद्भुत सारे काम,

करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,

नज़र मो पे रखना तू हनुमान,

नज़र मो पे रखना तू ॥


तेरे भजनों पे मन मोरा अटका,

प्यारा लगे हर रंग में पटका,

तेरे मन में राम का नाम ओ,

तेरे मन में राम का नाम,

करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,

नज़र मो पे रखना तू हनुमान,

नज़र मो पे रखना तू ॥


तेरी पादुका पे मन मोरा अटका,

मुझे तो लग गया तेरा चसका,

तेरे चरणों में अंतर्ध्यान ओ,

तेरे चरणों में अंतर्ध्यान,

करूं मैं तेरा हर पल ध्यान,

नज़र मो पे रखना तू हनुमान,

नज़र मो पे रखना तू ॥


ऐ री मैं तो प्रेम दिवानी (Ae Ri Main To Prem Diwani)

ऐ री मैं तो प्रेम-दिवानी,
मेरो दर्द न जाणै कोय ।

शुक्रवार व्रत कथा और महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सप्ताह के सातों दिनों में से शुक्रवार का दिन माता संतोषी को समर्पित माना जाता है। शुक्रवार के दिन मां संतोषी का व्रत उनकी व्रत कथा के बिना अधूरा माना जाता है।

भाव सुमन लेकर मैं बैठा, गौरी सुत स्वीकार करो (Bhav Suman Lekar Main Baitha Gaurisut Swikar Karo)

भाव सुमन लेकर मैं बैठा,
गौरी सुत स्वीकार करो,

ये बाबा बहुत बड़ा हैं (Ye Baba Bahut Bada Hai)

हर भक्तों के दिल से निकले,
एक यही आवाज़,

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