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नौरता की रात मैया, गरबे रमवा आणो है (Norta ki Raat Maiya Garba Rambwa Aano Hai)

नौरता की रात मैया,

गरबे रमवा आणो है,

थाने वादों निभाणो है,

नौरता की रात ॥


साथी सहेलियां,

मईया जोवे थारी बाट,

मईया जी थाने आवणो,

माथा पे हो टीका,

काना में हो झुमका,

सज ने थाणे आवणो,

नौरता की रात मईया,

गरबे रमवा आणो है,

थाणे वादे निभाणो है,

नौरता की रात ॥


हाथा में हो चुडलो,

पावा में हो पायल,

हो छम छम करती आवणो,

सर पे हो चुनरिया,

लाले हो रंग री,

घुंगटा में थाणे आवणो,

नौरता की रात मईया,

गरबे रमवा आणो है,

थाणे वादों निभाणो है,

नौरता की रात ॥


नौरता की रात मैया,

गरबे रमवा आणो है,

थाने वादों निभाणो है,

नौरता की रात ॥

शीतला अष्टमी 2025 तिथि और शुभ मुहूर्त

शीतला अष्टमी, जिसे बसोड़ा भी कहते हैं, माता शीतला को समर्पित एक पवित्र पर्व है। यह होली के बाद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। कुछ स्थानों पर इसे होली के आठ दिन बाद पहले सोमवार या शुक्रवार को भी मनाते हैं।

मासिक शिवरात्रि पर शिव चालीसा पाठ

हिंदू पंचाग में प्रत्येक महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी यानी 14वें दिन मासिक शिवरात्रि के मनाई जाती है। इस विशेष दिन भगवान शिव की आराधना की जाती है।

शिव समा रहे मुझमें (Shiv Sama Rahe Hain Mujhme)

ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय

ललिता देवी मूल मंत्र और स्तोत्र

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