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शक्ति दे मां शक्ति दे मां (Shakti De Maa Shakti De Maa)

शक्ति दे मां शक्ति दे मां, शक्ति दे मां शक्ति दे मां।


पग पग ठोकर खाऊं, चल ना पाऊं, कैसे आऊं मैं घर तेरे।

शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥


पग पग ठोकर खाऊं, चल ना पाऊं, कैसे आऊं मैं घर तेरे।

शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥


हाथ पकड़ ले हाथ बढ़ा दे, अपने मंदिर तक पहुंचा दे।

हाथ पकड़ ले हाथ बढ़ा दे, अपने मंदिर तक पहुंचा दे॥

सर पर दुःख की रैना, नाही चैना, प्यासे नैना दर्शन के।

शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥


जग में जिसका नाम है जीवन, इक युग है संग्राम है जीवन।

जग में जिसका नाम है जीवन, इक युग है संग्राम है जीवन॥

तेरा नाम पुकारा, दुःख का मारा, हारा माँ इस जीवन से।

शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥


तेरे द्वारे जो भी आया, उसने जो माँगा वो पाया।

तेरे द्वारे जो भी आया, उसने जो माँगा वो पाया॥

मैं भी तेरा सवाली, शक्तिशाली शेरों वाली माँ जगदम्बे।

शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥


पग पग ठोकर खाऊं, चल ना पाऊं, कैसे आऊं मैं घर तेरे।

शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ, शक्ति दे माँ शक्ति दे माँ॥


विवाह पंचमी के उपाय क्या हैं

हिंदू कैलेंडर के हिसाब से विवाह पंचमी का पर्व मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाई जाती है। इस दिन प्रभु श्रीराम और माता सीता की विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करने का विधान है। वहीं इस साल विवाह पंचमी 06 दिसंबर शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी।

ना मन हूँ ना बुद्धि ना चित अहंकार (Na Mann Hun Na Buddhi Na Chit Ahankar)

ना मन हूँ, ना बुद्धि, ना चित अहंकार
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विवाह पंचमी क्यों मनाई जाती है

मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विवाह पंचमी मनाई जाती है जो भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह की स्मृति में मनाया जाने वाला पवित्र पर्व है। सनातन धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है।

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अमृत है हरि नाम जगत में,

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