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तेरी जय हो गणेश जी(Teri Jai Ho Ganesh Ji)

आन पधारो गणपत जी पूरण करदो सब काज,

विच सभा के बैठया मोरी पत रखदो महाराज,

गणपति बप्पा मोरिया मंगल मूर्ती मोरिया ॥


रिद्धि सिद्धि के मालक तुम हो,

सबके भाग्य विधाता तुम हो,

पहले होवे पूजा हमेश जी,

तेरी जय हो जय जय गणेश जी ॥


जो बांझन है संतान वो पाए,

तेरी दया से लाल खिलाये,

सबकी पूरी करते हमेश जी

अर्ज़ी पूरी करते हमेश जी,

तेरी जय हो जय जय गणेश जी ॥


चार भुजा मूषक की सवारी,

चरणी लगती है दुनिया सारी,

जग में सबसे प्रथम गणेश जी,

तेरी जय हो जय जय गणेश जी ॥

नवरात्री वृत कथा (Navratri Vrat Katha)

माँ दुर्गाकी नव शक्तियोंका दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणीका है। यहाँ श्ब्राश् शब्दका अर्थ तपस्या है। ब्रह्मचारिणी अर्थात् तपकी चारिणी-तपका आचरण करनेवाली। कहा भी है वेदस्तत्वं तपो ब्रह्म-वेद, तत्त्व और तप श्ब्राश् शब्दक अर्थ हैं।

बसंत पंचमी पर इन मंत्रों का करें जाप

बसंत पंचमी का त्योहार जो कि हर साल माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। जो इस साल 2 फरवरी 2025 को मनाया जाएगा। यह त्योहार सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है।

हम सब बोलेंगें हैप्पी बर्थ डे टू यू श्याम (Hum Sab Bolenge Happy Birthday To You Shyam)

रंगी गुब्बारो से मंडप सजाया है,
मिशरी मावे का एक केक मंगाया है,

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