भजो रे भैया, राम गोविंद हरि: भजन (Bhajo Re Bhaiya Ram Govind Hari)

भजो रे भैया,

राम गोविंद हरि,

राम गोविंद हरि,

भजो रे भईया,

राम गोविंद हरि ॥


जप तप साधन,

कछु नहीं लागत,

खरचत नहिं गठरी,

भजो रे भईया,

राम गोविंद हरि ॥


संतत संपत,

सुख के कारण,

जासे भूल परी,

भजो रे भईया,

राम गोविंद हरि ॥


कहत कबीरा,

जिन मुख राम नहीं,

ता मुख धूल भरी,

भजो रे भईया,

राम गोविंद हरि ॥


भजो रे भैया,

राम गोविंद हरि,

राम गोविंद हरि,

भजो रे भईया,

राम गोविंद हरि ॥

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दर्श अमावस्या क्यों मनाई जाती है?

हिंदू धर्म में दर्श अमावस्या का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह अमावस्या पितरों की शांति और पूजा-पाठ के लिए समर्पित है।

मन की मुरादें, पूरी कर माँ(Mann Mi Muraden Poori Kar Maa)

मन की मुरादें, पूरी कर माँ,
दर्शन करने को मैं तो आउंगी ।

आओ विनायक म्हारे, आंगणिये पधारो (Aao Vinayak Mhare Aanganiye Padharo)

आओ विनायक म्हारे,
आंगणिये पधारो,

फुलेरा दूज 2025 शुभ मुहूर्त

फुलेरा दूज भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के प्रेम का प्रतीक का त्योहार है। यह त्योहार हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। वहीं यह त्योहार वसंत ऋतु के आगमन का संकेत भी होता है।

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