मन की मुरादें, पूरी कर माँ(Mann Mi Muraden Poori Kar Maa)

मन की मुरादें, पूरी कर माँ,

दर्शन करने को मैं तो आउंगी ।

तेरा दीदार होगा, मेरा उद्धार होगा,

हलवे का भोग मैं लगाउंगी ।


तू है दाती दान देदे,

मुझ को अपना जान कर ।

भर दे मेरी झोली खाली,

दाग लगे ना तेरी शान पर ।

सवा रुपया और नारीयल,

मैं तेरी भेंट चढ़ाउंगी ॥


मन की मुरादें, पूरी कर माँ,

दर्शन करने को मैं तो आउंगी ।

तेरा दीदार होगा, मेरा उद्धार होगा,

हलवे का भोग मैं लगाउंगी ।


छोटी छोटी कन्याओं को,

भोग लगाऊं भक्ति भाव से ।

तेरा जगराता कराऊं,

मैं तो बड़े चाव से ।

लाल द्वजा लेकर के माता,

तेरे भवन पे लहराउंगी ॥


मन की मुरादें, पूरी कर माँ,

दर्शन करने को मैं तो आउंगी ।

तेरा दीदार होगा, मेरा उद्धार होगा,

हलवे का भोग मैं लगाउंगी ।


महिमा तेरी बड़ी निराली,

पार न कोई पाया है ।

मैंने सुना है, ब्रह्मा, विष्णु शिव ने,

तेरा गुण गाया है ।

मेरी औकात क्या है,

तेरी माँ बात क्या है,

कैसे तुझ को भुलाउंगी ॥


मन की मुरादें, पूरी कर माँ,

दर्शन करने को मैं तो आउंगी ।

तेरा दीदार होगा, मेरा उद्धार होगा,

हलवे का भोग मैं लगाउंगी ।


लाल चोला लाल चुनरी,

लाल तेरे लाल हैं ।

तेरी जिस पर हो दया माँ,

वो तो मालामाल है ।

श्यामसुंदर और लक्खा बालक हैं तेरे,

उनको भी संग मैं लाउंगी ॥


मन की मुरादें, पूरी कर माँ,

दर्शन करने को मैं तो आउंगी ।

तेरा दीदार होगा, मेरा उद्धार होगा,

हलवे का भोग मैं लगाउंगी ।


........................................................................................................
शिव तांडव स्तोत्र का महत्व और लाभ

सनातन धर्म में मंत्र और स्तोत्र का विशेष महत्व माना जाता है। धर्म शास्त्रों में मंत्र जाप और स्तोत्र के नियमित पाठ के द्वारा भगवान को प्रसन्न करने का विधान है।

ये बाबा बहुत बड़ा हैं (Ye Baba Bahut Bada Hai)

हर भक्तों के दिल से निकले,
एक यही आवाज़,

भीष्म पितामह का अंतिम संस्कार

माघ मास में शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भीष्म द्वादशी कहते हैं। इसे तिल द्वादशी भी कहते हैं। भीष्म द्वादशी को माघ शुक्ल द्वादशी नाम से भी जाना जाता है।

मंगलवार को किन मंत्रों का जाप करें?

सनातन धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित माना गया है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने से जातक की आर्थिक तंगी, शारीरिक पीड़ा और मानसिक तनाव समाप्त हो जाते हैं।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।

यह भी जाने