तुझसा दयालु नहीं प्यारे - भजन (Tujh Sa Dayalu Nahi Pyare)

तुझसा दयालु नहीं प्यारे,

प्यारे प्यारे प्यारे ॥


श्रुति कहे जगत पिता है तू ही प्यारे,

बन्यो यशोमति सूत प्यारे,

प्यारे प्यारे प्यारे,

तुझसा दयालु नही प्यारे,

प्यारे प्यारे प्यारे ॥


अंगूठा छाप सखन को प्यारे,

बन गयो घोड़ा प्यारे,

प्यारे प्यारे प्यारे,

तुझसा दयालु नही प्यारे,

प्यारे प्यारे प्यारे ॥


गोपिन ने तू छाछ पर प्यारे,

नाचे थई थई प्यारे,

प्यारे प्यारे प्यारे,

तुझसा दयालु नही प्यारे,

प्यारे प्यारे प्यारे ॥


तुम कृपालु प्रेमिन वश प्यारे,

अब हूँ जान्यो प्यारे,

प्यारे प्यारे प्यारे,

तुझसा दयालु नही प्यारे,

प्यारे प्यारे प्यारे ॥

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प्रदोष व्रत चालीसा

हर माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है, जो भगवान शिव की पूजा को समर्पित होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार प्रदोष व्रत कन्याओं के लिए बेहद खास होता है, इस दिन भोलेनाथ की उपासना करने और व्रत रखने से मनचाहा वर पाने की कामना पूरी होती हैं।

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बसंत सम्पात 2025: महत्व और अनुष्ठान

रंग पंचमी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे होली के पांचवें दिन मनाया जाता है। इसे बसंत महोत्सव के रूप में भी जाना जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा करने का महत्व बताया गया है।

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भोला भाला तू अंजनी का लाला,
है बजरंग बाला,

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