विनती सुनलो मेरे गणराज (Vinti Sun Lo Mere Ganraj)

विनती सुनलो मेरे गणराज आज भक्ति क़ा फल दीजिये,
पहले तुमको मनाता हूँ मै देवा कीर्तन सफल कीजिए ॥


हे गोरिनंदन हे गणराया प्रथम पूज्य होने क़ा वरदान पाया,
भगतों के संग मिलकर आपको मनाऊ ,
चरणों मे तेरे देवा हाजरी लगाऊ,
लाज रखना हमारी प्रभु काज मेरे सकल कीजिए,
पहले तुमको मनाता हूँ मै देवा कीर्तन सफल कीजिए ॥


मंगल मूर्ती बनके मंगल करते चिंतामन बनके चिंताएं हरते,
जहाँ विघ्नहर्ता हो तुम विघ्न नही आते,
सिद्धि विनायक हो तुम सिद्धि लुटाते,
तेरे दर्शन सुबह शाम हो जिंदगी में वो पल दीजिये,
पहले तुमको मनाता हूँ देवा कीर्तन सफल कीजिए ॥


विनती सुनलो मेरे गणराज आज भक्ति क़ा फल दीजिये,
पहले तुमको मनाता हूँ मै देवा कीर्तन सफल कीजिए ॥

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मुखड़ा देख ले प्राणी, जरा दर्पण में (Mukhda Dekh Le Prani, Jara Darpan Main)

मुखड़ा देख ले प्राणी,
जरा दर्पण में हो,

कृष्ण जिनका नाम है (Krishna Jinka Naam Hai Gokul Jinka Dham Hai)

कृष्ण जिनका नाम है,
गोकुल जिनका धाम है,

तेरी करती रहूँ मैं चाकरी, वरदान यही मैं चाहूँ(Teri Karti Rahu Main Chakri Vardan Yahi Main Chahu)

तेरी करती रहूं मैं चाकरी,
वरदान यही मैं चाहूँ,

मन तड़पत हरि दर्शन को आज(Mann Tarpat Hari Darshan Ko Aaj)

मन तड़पत हरि दर्शन को आज
मोरे तुम बिन बिगड़े सकल काज

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