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आओ बालाजी, आओं बालाजी (Aao Balaji Aao Balaji)

आओ बालाजी,

आओं बालाजी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


निशदिन गुणगान करूँ,

तेरा ही ध्यान धरूँ,

गिरूं सौ बार मगर,

नज़रों से ना तेरे गिरूं,

जीवन मेरा सफल बनाओ,

झलक दिखाओ जी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


सालासर तेरा है,

मेहंदीपुर तेरा है,

जहाँ हर कण कण में,

तेरा ही बसेरा है,

मेरे मन के मंदिर में भी,

धाम बनाओ जी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


ज्ञान के सागर हो,

सियाराम के चाकर हो,

हो किनारा तुम ही प्रभु,

तुम ही भव सागर हो,

‘राशि’ की अर्ज़ी स्वीकारो,

लाज बचाओ जी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


आओ बालाजी,

आओं बालाजी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥

राधिके ले चल परली पार(Radhike Le Chal Parli Paar)

गलियां चारों बंद हुई,
मिलूं कैसे हरी से जाये ।

गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि

सनातन धर्म में गुरु ही हमें सही और गलत की समझ देते हैं और अच्छे-बुरे का अंतर सिखाते हैं। गुरुओं की महत्ता हमारी संस्कृति में सदियों से रही है। यहां तक कि गुरु को भगवान से भी ऊँचा दर्जा प्राप्त है।

श्याम के बिना तुम आधी - भजन (Shyam Ke Bina Tum Aadhi)

श्याम के बिना तुम आधी,
तुम्हारे बिना श्याम आधे,

प्रदोष व्रत के खास उपाय क्या हैं?

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित एक पवित्र व्रत है, जो हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। जो शिव भक्तों के लिए विशेष रूप से फलदायी माना गया है।

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