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आओ बालाजी, आओं बालाजी (Aao Balaji Aao Balaji)

आओ बालाजी,

आओं बालाजी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


निशदिन गुणगान करूँ,

तेरा ही ध्यान धरूँ,

गिरूं सौ बार मगर,

नज़रों से ना तेरे गिरूं,

जीवन मेरा सफल बनाओ,

झलक दिखाओ जी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


सालासर तेरा है,

मेहंदीपुर तेरा है,

जहाँ हर कण कण में,

तेरा ही बसेरा है,

मेरे मन के मंदिर में भी,

धाम बनाओ जी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


ज्ञान के सागर हो,

सियाराम के चाकर हो,

हो किनारा तुम ही प्रभु,

तुम ही भव सागर हो,

‘राशि’ की अर्ज़ी स्वीकारो,

लाज बचाओ जी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


आओ बालाजी,

आओं बालाजी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥

जय जय शिव ओंकारा, हर हर शिव ओंकारा (Jay Jay Shiv Omkara Har Har Shiv Omkara)

ओम जय शिव ओंकारा,
हर हर शिव ओंकारा,

मैया के पावन चरणों में (Maiya Ke Pawan Charno Mein)

मैया के पावन चरणों में,
तू सर झुका के देख ले,

कैसे करें एकादशी माता का श्रृंगार?

मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की उत्पन्ना एकादशी एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान विष्णु और माता एकादशी की पूजा के लिए विशेष माना जाता है।

भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम (Bhar Pichkari Mari Hai Fag Machayo Shyam)

अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम,
अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्या,

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