नवीनतम लेख

आओ बालाजी, आओं बालाजी (Aao Balaji Aao Balaji)

आओ बालाजी,

आओं बालाजी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


निशदिन गुणगान करूँ,

तेरा ही ध्यान धरूँ,

गिरूं सौ बार मगर,

नज़रों से ना तेरे गिरूं,

जीवन मेरा सफल बनाओ,

झलक दिखाओ जी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


सालासर तेरा है,

मेहंदीपुर तेरा है,

जहाँ हर कण कण में,

तेरा ही बसेरा है,

मेरे मन के मंदिर में भी,

धाम बनाओ जी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


ज्ञान के सागर हो,

सियाराम के चाकर हो,

हो किनारा तुम ही प्रभु,

तुम ही भव सागर हो,

‘राशि’ की अर्ज़ी स्वीकारो,

लाज बचाओ जी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥


आओ बालाजी,

आओं बालाजी,

दर्शन को प्यासे हैं नैना,

दर्श दिखाओ जी,

आओं बालाजी आओं बालाजी ॥

महाशिवरात्रि पौराणिक कथा

प्रत्येक महीने शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। हालांकि, फाल्गुन माह की शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इसे महाशिवरात्रि के नाम से जाना जाता है।

स्कंद षष्ठी व्रत की पौराणिक कथा

स्कंद षष्ठी व्रत भगवान कार्तिकेय जिन्हें मुरुगन, सुब्रमण्यम और स्कंद के नाम से भी जाना जाता है उनकी पूजा को समर्पित है। यह व्रत मुख्यतः दक्षिण भारत में मनाया जाता है। भगवान कार्तिकेय को युद्ध और शक्ति के देवता के रूप में पूजते हैं।

तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो (Prayer Tumhi Ho Mata Pita Tumhi Ho )

तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो ।
तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥

बजरंगबली आओ, हनुमान चले आओ (Bajrangbali Aao Hanuman Chale Aao)

बजरंगबली आओ,
हनुमान चले आओ,

यह भी जाने