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आओ सब महिमा गाये, मिल के हनुमान की (Aao Sab Mahima Gaaye Milke Hanuman Ki)

आओ सब महिमा गाये,

मिल के हनुमान की,

दुनिया दीवानी हो गई,

सालासर धाम की,

दुनिया दिवानी हो गई,

सालासर धाम की ॥


राम नाम का बड़ा व्यापारी,

सेठों का है सेठ,

सेठों का है सेठ,

जब चाहे ये मौज बना दे,

कष्टों को दे मेट,

कष्टों को दे मेट,

करता ना लेट इनपे,

किरपा है राम की,

दुनिया दिवानी हो गई,

सालासर धाम की ॥


आठों पहर चौबीसो घंटे,

राम नाम गुण गाता,

राम नाम गुण गाता,

सारे काम करे आसान है,

राम से सीधा नाता,

राम से सीधा नाता,

ह्रदय में राम समाए,

संग माता जानकी,

दुनिया दिवानी हो गई,

सालासर धाम की ॥


इनकी मेहर का किसे पता है,

कब किस पर हो जाए,

कब किस पर हो जाए,

इसी आस विश्वास पे दुनिया,

तेरे दर पे आए,

तेरे दर पे आए,

बाबा ने बदली किस्मत,

देखो ‘बलराम’ की,

दुनिया दिवानी हो गई,

सालासर धाम की ॥


आओ सब महिमा गाये,

मिल के हनुमान की,

दुनिया दीवानी हो गई,

सालासर धाम की,

दुनिया दिवानी हो गई,

सालासर धाम की ॥

जय हो बाबा विश्वनाथ (Jay Ho Baba Vishwanath)

जय हो बाबा विश्वनाथ,
जय हो भोले शंकर,

शिवोहम शिवोहम शिवोहम.. (Shivoham Shivoham Shivoham)

आत्मा ने परमात्मा को लिया
देख ध्यान की दृष्टि से ।

भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि

संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे संकटों को दूर करने और सफलता प्राप्त करने के लिए रखा जाता है। भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी 2025 विशेष रूप से चैत्र मास में मनाई जाती है और इस दिन गणपति बप्पा की विधिपूर्वक पूजा की जाती है।

मां दुर्गा की पूजा इस विधि से करें

मां दुर्गा का रूप शक्ति और वीरता का प्रतीक है। वे राक्षसों और असुरों से संसार को बचाने वाली देवी हैं। उनकी पूजा से व्यक्ति को मानसिक, शारीरिक और आत्मिक बल मिलता है।

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