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आयी बरसाने वाली है आयी (Aayi Barsane Wali Hai Aayi)

आयी बरसाने वाली है आयी,

रास रचते है कृष्ण कन्हाई ॥


देखो टोली है सखियों के संग में,

छाई मस्ती है हर अंग अंग में,

राधा कान्हा को देख मुस्काई,

रास रचते है कृष्ण कन्हाई ॥


कैसा प्यारा लगे ये नज़ारा,

श्याम राधे को करते इशारा,

देखो राधे रानी शरमाई,

रास रचते है कृष्ण कन्हाई ॥


राधे नाच नाच श्याम को रिझाए,

कान्हा मुरली जो होंठो से लगाए,

राधा रानी की सुध बिसराई,

रास रचते है कृष्ण कन्हाई ॥


श्याम अलबेला रास रचाए,

सारे गोकुल को संग में नचाए,

कहे ‘पवन’ क्या माया रचाई,

रास रचते है कृष्ण कन्हाई ॥


आयी बरसाने वाली है आयी,

रास रचते है कृष्ण कन्हाई ॥

प्रभु जो तुम्हे हम, बताकर के रोये (Prabhu Jo Tumhe Hum Batakar Ke Roye)

प्रभु जो तुम्हे हम,
बताकर के रोये,

अंजनी के लाल तुमको, मेरा प्रणाम हो (Anjani Ke Lal Tumko Mera Pranam Ho)

अंजनी के लाल तुमको,
मेरा प्रणाम हो,

शिव मात पिता, शिव बंधू सखा (Shiv Maat Pita Shiv Bandhu Sakha)

शिव मात पिता,
शिव बंधू सखा,

सोमवती अमावस्या व्रत कथा

अमावस्या का हिंदू धर्म में खास महत्व होता है। सोमवार को पड़ने की वजह से इस अमावस्या को सोमवती अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस दौरान पितरों की पूजा होती है। दिसंबर माह में सोमवती अमावस्या सोमवार, 30 दिसंबर 2024 को है।

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