नवीनतम लेख

आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार (Aayo Aayo Re Shivratri Tyohaar)

आयो आयो रे शिवरात्रि त्यौहार,

सारा जग लागे आज काशी हरिद्वार,

आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार ॥


धरती और गगन ने मिलके,

शब्द यही दोहराए,

ओम नमः शिवाय बोलो,

ओम नमः शिवाय,

चलो शिव धाम चलो,

चाहो अगर उद्धार,

आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार,

आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार ॥


शिवरात्रि के दिन श्रद्धा से,

शिव महिमा जो गाए,

अंत समय शिव भक्ति उसको,

मोक्ष की राह दिखाए,

आज के दिन सुनते,

शिव भक्तो की पुकार,

आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार,

आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार ॥


आयो आयो रे शिवरात्रि त्यौहार,

सारा जग लागे आज काशी हरिद्वार,

आयो आयो रे शिवरात्रि त्योहार ॥

भोले तेरी कृपा से युग आते युग जाते है (Bhole Teri Kripa Se Yug Aate Yug Jate Hain)

भोले तेरी कृपा से
युग आते युग जाते है

अथार्गलास्तोत्रम् (Athargala Stotram)

पवित्र ग्रंथ दुर्गा सप्तशती में देवी अर्गला का पाठ देवी कवचम् के बाद और कीलकम् से पहले किया जाता है। अर्गला को शक्ति के रूप में व्यक्त किया जाता है और यह चण्डी पाठ का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

गणगौर व्रत की पौराणिक कथा

गणगौर व्रत चैत्र शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है, जिसे गौरी तृतीया के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत का विशेष महत्व विवाहित और अविवाहित महिलाओं के लिए होता है।

जय महांकाल जय महांकाल (Jai Mahakal Jai Mahakal)

जय महाकाल जय महाकाल,
जय महांकाल जय महांकाल,

यह भी जाने