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अंजनी के लाल तुमको, मेरा प्रणाम हो (Anjani Ke Lal Tumko Mera Pranam Ho)

अंजनी के लाल तुमको,

मेरा प्रणाम हो,

शत शत प्रणाम,

कोटि कोटि प्रणाम हो,

अँजनी के लाल तुमको,

मेरा प्रणाम हो ॥


रूद्र रूप में तुम हो शंकर,

अति रणबाकुर रूप भयंकर,

रूद्र रूप में तुम हो शंकर,

अति रणबाकुर रूप भयंकर,

कनक भूधरा तन को प्रणाम हो,

अँजनी के लाल तुमको,

मेरा प्रणाम हो ॥


सत योजन किया सागर पारा,

तुम्हरे बल को नहीं सुमारा,

सत योजन किया सागर पारा,

तुम्हरे बल को नहीं सुमारा,

तुम तो प्रभु अतुलित बलधाम हो,

अँजनी के लाल तुमको,

मेरा प्रणाम हो ॥


अक्षय मार वाटिका उजारि,

सोने की लंका पल में है जारी,

अक्षय मार वाटिका उजारि,

सोने की लंका पल में है जारी,

दुष्ट दलन तुम वीर हनुमान हो,

अँजनी के लाल तुमको,

मेरा प्रणाम हो ॥


अंजनी के लाल तुमको,

मेरा प्रणाम हो,

शत शत प्रणाम,

कोटि कोटि प्रणाम हो,

अँजनी के लाल तुमको,

मेरा प्रणाम हो ॥

बड़े तुम्हारे है उपकार मैया(Bade Tumhare Hai Upkar Maiya)

बड़े तुम्हारे है उपकार मैया,
तुमने जो होके दयाल,

तेरी तुलना किससे करूं माँ(Teri Tulna Kisse Karu Maa)

तेरी तुलना किससे करूँ माँ,
तेरी तुलना किससे करूं माँ,

भीष्म अष्टमी पर करें गंगा स्नान

भीष्म अष्टमी सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह दिन विशेष रूप से पितरों को समर्पित होता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके वंश में संतान नहीं होती। यह पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।

मै तो लाई हूँ दाने अनार के (Main To Layi Hu Daane Anaar Ke)

मैं तो लाई हूँ दाने अनार के,
मेरी मैया के नौ दिन बहार के ॥

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