नवीनतम लेख

मैली चादर ओढ़ के कैसे - भजन (Maili Chadar Odh Ke Kaise)

मैली चादर ओढ़ के कैसे,

द्वार तुम्हारे आऊँ,

हे पावन परमेश्वर मेरे,

मन ही मन शरमाऊँ ।

॥ मैली चादर ओढ़ के..॥


तूने मुझको जग में भेजा,

निर्मल देकर काया,

आकर के संसार में मैंने,

इसको दाग लगाया ।

जनम जनम की मैली चादर,

कैसे दाग छुड़ाऊं,

॥ मैली चादर ओढ़ के..॥


निर्मल वाणी पाकर तुझसे,

नाम ना तेरा गाया,

नैन मूँदकर हे परमेश्वर,

कभी ना तुझको ध्याया ।

मन-वीणा की तारे टूटी,

अब क्या राग सुनाऊँ,

॥ मैली चादर ओढ़ के..॥


इन पैरों से चलकर तेरे,

मंदिर कभी ना आया,

जहाँ जहाँ हो पूजा तेरी,

कभी ना शीश झुकाया ।

हे हरिहर मई हार के आया,

अब क्या हार चढाउँ,

॥ मैली चादर ओढ़ के..॥


तू है अपरम्पार दयालु,

सारा जगत संभाले,

जैसा भी हूँ मैं हूँ तेरा,

अपनी शरण लगाले ।

छोड़ के तेरा द्वारा दाता,

और कहीं नहीं जाऊं


मैली चादर ओढ़ के कैसे,

द्वार तुम्हारे आऊँ,

हे पावन परमेश्वर मेरे,

मन ही मन शरमाऊँ ।

नाम लेगा जो बजरंगबली का(Naam Lega Jo Bajrangbali Ka)

नाम लेगा जो बजरंगबली का,
कष्ट जीवन के सारे कटेंगे ॥

श्याम के बिना तुम आधी - भजन (Shyam Ke Bina Tum Aadhi)

श्याम के बिना तुम आधी,
तुम्हारे बिना श्याम आधे,

होलिका दहन के दौरान ना करें ये गलती

होलिका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और नकारात्मक ऊर्जा को खत्म करने के लिए होलिका दहन किया जाता है।

राम नवमी 2025 तिथि और मुहूर्त

राम नवमी हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण और विशेष पर्व है। यह पर्व हर वर्ष चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

यह भी जाने