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बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी भिखरिया (Baba Baijnath Hum Aael Chhi Bhikhariya)

बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी भिखरिया,

अहाँ के दुअरिया ना,

बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी,

भिखरिया अहाँ के दुअरिया ना ॥


अइलों बड़ बड़ आस लगायल,

होहियो हमरा पर सहाय,

अइलों बड़ बड़ आस लगायल,

होहियो हमरा पर सहाय,

एक बेरी फेरी दियौ,

हो एक बेरी फेरी दियौ,

गरीब पर नजरिया,

अहाँ के दुअरिआ ना ॥


हम बाघम्बर झारी ओछायब,

डोरी डमरू के सरियाएब,

हम बाघम्बर झारी ओछायब,

डोरी डमरू के सरियाएब,

कखनो झारी बुहराब,

हो कखनो झारी बुहराब,

बसहा के डगरिया,

अहाँ के दुअरिया ना ॥


हम गंगाजल भरी भरी लायब,

बाबा बैजू के चढ़ायब,

हम गंगाजल भरी भरी लायब,

बाबा बैजू के चढ़ायब,

बेलपत चन्दन हो बेलपत चन्दन,

चढ़ायब फूल केसरिया,

अहाँ के दुअरिया ना ॥


कतेक अधम के अहाँ तारलों,

कतेक पतित के उबारलों,

कतेक अधम के अहाँ तारलों,

कतेक पतित के उबारलों,

बाबा एक बेर फेरी दियौ,

हमरो पर नजरिया, अहाँ के दुअरिया ना,

बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी,

भिखरिया अहाँ के दुअरिया ना ॥

चैत्र महीना व्रत-त्योहार लिस्ट

चैत्र माह हिंदू पंचांग का पहला महीना होता है। इसे हिंदू नववर्ष की शुरुआत के रूप में देखा जाता है। इसके अलावा यह वसंत ऋतु के खत्म होने का प्रतीक भी है। इस महीने में कई महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जाते हैं, जो हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखते हैं। यह त्योहार हमें धर्म, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हैं।

जय हो जय हो तुम्हारी जी बजरंग बली - भजन (Jai Ho Jai Ho Tumhari Ji Bajrangbali)

जय हो जय हो तुम्हारी जी बजरंग बली
लेके शिव रूप आना गजब हो गया

कन्हैया ने जब पहली बार बजाई मुरली, सारी सृष्टि में आनंद की लहर दौड़ी

मुरलीधर, मुरली बजैया, बंसीधर, बंसी बजैया, बंसीवाला भगवान श्रीकृष्ण को इन नामों से भी जाना जाता है। इन नामों के होने की वजह है कि भगवान को बंसी यानी मुरली बहुत प्रिय है। श्रीकृष्ण मुरली बजाते भी उतना ही शानदार हैं।

भोले की किरपा, जिस पर भी रहती है (Bhole Ki Kripa Jis Par Bhi Rahti Hai)

भोले की किरपा,
जिस पर भी रहती है,

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