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बजरंगी सरकार, द्वार तेरे आए (Bajrangi Sarkar, Dwar Tere Aaye)

बजरंगी सरकार,

द्वार तेरे आए,

द्वार तेरे आए,

दरश तेरा पाए,

विनती करो स्वीकार,

द्वार तेरे आए,

बजरँगी सरकार,

द्वार तेरे आए ॥


बाला तेरी महिमा का,

नहीं कोई पार,

पूजा तेरी करता है,

सब संसार,

भक्तो का करते बेड़ा पार,

द्वार तेरे आए,

बजरँगी सरकार,

द्वार तेरे आए ॥


पापों का संहार करे,

भक्तो का उद्धार,

जो गाता है महिमा तेरी,

उसका तू रखवाल,

करते है विनती हजार,

द्वार तेरे आए,

बजरँगी सरकार,

द्वार तेरे आए ॥


पल में सुनते बाला अपने,

भक्तो की पुकार,

भूत प्रेत से पीछा छुटे,

आए जो भी द्वार,

‘हलचल’ करता तेरी जय जयकार,

द्वार तेरे आए,

बजरँगी सरकार,

द्वार तेरे आए ॥


बजरंगी सरकार,

द्वार तेरे आए,

द्वार तेरे आए,

दरश तेरा पाए,

विनती करो स्वीकार,

द्वार तेरे आए,

बजरँगी सरकार,

द्वार तेरे आए ॥

मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग री(Meri Chunri Mein Pad Gayo Dag Ri)

मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग री,
कैसो चटक रंग डारो,

श्री कुवेर चालीसा (Shree Kuveer Chalisa)

जैसे अटल हिमालय और जैसे अडिग सुमेर ।
ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै, अविचल खड़े कुबेर ॥

शिव उठत, शिव चलत, शिव शाम-भोर है। (Shiv Uthat Shiv Chalat Shiv Sham Bhor Hai)

शिव उठत, शिव चलत, शिव शाम-भोर है।
शिव बुद्धि, शिव चित्त, शिव मन विभोर है॥ ॐ ॐ ॐ...

छठ पूजा ध्यान मंत्र (Chhath Puja Dhyan Mantra)

षष्ठांशां प्रकृते: शुद्धां सुप्रतिष्ठाण्च सुव्रताम्।
सुपुत्रदां च शुभदां दयारूपां जगत्प्रसूम्।।

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