नवीनतम लेख

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए (Bheja Hai Bulava Tune Shera Waliye)

भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,

में हाँ तेरे दीदार, कि मैं आऊंगा

कभी न फिर जाऊँगा


भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,


शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए

नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए


भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,


तेरे ही दर के हैं हम तो भिखारी,

जाएं कहाँ यह दर छोड़ के, हाँ छोड़के ।

तेरे ही संग बँधी भक्तों ने डोरी,

सारे जहाँ से नाता तोड़ के, हाँ तोड़के ॥


शेरावालिये नी माता ज्योता वालिए

भवना वालिए नी माता लाटा वालिए


भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,


फूलों में तेरी ही खुशबु है मैया,

चंदा में तेरी ही चांदनी, हाँ चांदनी ।

तेरे ही नूर से है नैनो की ज्योतियाँ,

सूरज में तेरी ही रौशनी, हाँ रौशनी ॥


शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए

नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए


भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,


भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,

में हाँ तेरे दीदार, कि मैं आऊंगा

कभी न फिर जाऊँगा


भेजा है बुलावा, तूने शेरा वालिए

ओ मैया तेरे दरबार,


शेरावालिये नी, माता ज्योता वालिए

नी सच्चियाँ ज्योता वालिए, लाटा वालिए

क्यों मनाई जाती है गीता जयंती?

सनातन धर्म में एकादशी व्रत को अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। मार्गशीर्ष माह में मोक्षदा एकादशी मनाई जाती है। इसी दिन गीता जयंती का पर्व भी मनाया जाता है।

नवंबर-दिसंबर से लेकर साल 2025 तक यह हैं शादी के लिए सबसे शुभ मुहूर्त

हिन्दू धर्म में मुहुर्त का कितना महत्व है इस बात को समझने के लिए इतना ही काफी है कि हम मुहुर्त न होने पर शादी विवाह जैसी रस्मों को भी कई कई महिनों तक रोक लेते हैं।

रम गयी माँ मेरे रोम रोम में (Ram Gayi Maa Mere Rom Rom Main)

रम गयी माँ मेरे रोम रोम में,
रम गयी माँ मेरे रोम रोम में

मेरे सरकार आये है(Mere Sarkar Aaye Hain)

सजा दो घर को गुलशन सा,
मेरे सरकार आये है,

यह भी जाने