नवीनतम लेख

चले है भोला, सज धज के - भजन (Chale Hai Bhola Saj Dhaj Ke)

भोला तन पे भस्म लगाये,

मन में गौरा को बसाये,

चले है भोला,

सज धज के,

संखिया मंगल गाती हैं,

भूत प्रेत बाराती हैं ॥


भूत और प्रेत सब,

झूम झूम जाते हैं,

लूले और लँगड़े भी,

डिस्को दिखाते हैं,

भोला मन ही मन मुस्काये,

रूप अजब गजब हैं बनाये,

चले हैं भोला,

सज धज के ॥


पहुँची बारात,

सब मंगल गाते हैं,

देख देख शिव को,

सभी डर जाते हैं,

माता मैना रही घबराये,

शिव ऐसा रूप बनाये,

चले हैं भोला,

सज धज के ॥


मन में ये सोचें शिव,

सब डर जाते हैं,

विवाह कैसे होगा,

कोई पास न आते हैं,

तब सुंदर रूप बनाये,

चन्द्रशेखर नाम कहाये,

चले हैं भोला,

सज धज के ॥


गौरा के संग में,

ब्याह रचाते हैं,

लेके भवानी को,

कैलाश जाते हैं,

‘सूरज सोनी’ हरसाये,

ध्यान शिवजी के चरणों मे लगाए,

चले हैं भोला,

सज धज के ॥


भोला तन पे भस्म लगाये,

मन में गौरा को बसाये,

चले है भोला,

सज धज के,

संखिया मंगल गाती हैं,

भूत प्रेत बाराती हैं ॥


औघड बम बम बम (Oghad Bam Bam Bam)

औघड़ बम बम बम,
औघड बम बम बम,

गुरुवायुर एकादशी मंदिर की पौराणिक कथा

"दक्षिण का स्वर्ग" कहे जाने वाले अतिसुन्दर राज्य केरल में गुरुवायुर एकादशी का पर्व पूरी आस्था के साथ मनाया जाता है। यह पर्व गुरुवायुर कृष्ण मंदिर में विशेष रूप से मनाया जाता है, जो भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है।

मकर संक्रांति के 5 विशेष मंत्र

हिंदू धर्म में, सूर्यदेव के राशि परिवर्तन करने की तिथि पर संक्रांति मनाई जाती है। सूर्य देव 14 जनवरी को राशि परिवर्तन करेंगे। इस शुभ अवसर पर मकर संक्रांति पूरे देश में धूम-धाम से मनाई जाएगी।

अनंत चतुर्दशी पर क्यों होती है भगवान विष्णु की पूजा, शुभ मुहूर्त और महत्व के साथ जानिए संपूर्ण पूजा विधि

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी पर अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाता है।

यह भी जाने