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छोटी सी मेरी पार्वती (Chhoti Si Meri Parvati)

छोटी सी मेरी पार्वती,

शंकर की पूजा करती थी,

निर्जल रहकर निश्छल मन से,

नित ध्यान प्रभू का धरती थी,

छोटी सी मेरी पारवती,

शंकर की पूजा करती थी ॥


नित गंगा जमुना जाती थी,

जल भर भर कर वो लाती थी,

निर्जल रहकर निश्छल मन से,

नित ध्यान प्रभू का धरती थी,

छोटी सी मेरी पारवती,

शंकर की पूजा करती थी ॥


नित बाग़ बगीचा जाती थी,

वो भांग धतूरा लाती थी,

निर्जल रहकर निश्छल मन से,

नित ध्यान प्रभू का धरती थी,

छोटी सी मेरी पारवती,

शंकर की पूजा करती थी ॥


छोटी सी मेरी पार्वती,

शंकर की पूजा करती थी,

निर्जल रहकर निश्छल मन से,

नित ध्यान प्रभू का धरती थी,

छोटी सी मेरी पारवती,

शंकर की पूजा करती थी ॥

जानकी जयंती पर सीता चालीसा का पाठ

हिंदू धर्म में भगवान राम और माता सीता की पूजा बहुत शुभ और कल्याणकारी मानी गई है। देवी सीता को जानकी के नाम से भी जाना जाता है, वे जगत जननी मां लक्ष्मी का स्वरूप हैं।

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खाटू चालों खाटू चालों,
खाटू वाले श्याम धणी को,

कितने दिनों के बाद है आई, भक्तो रात (Kitne Dino Ke Baad Hai Aayi Bhakto Raat)

कितने दिनों के बाद है आई,
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