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डम डम डमरू बजाए मेरा जोगी (Dam Dam Damru Bajaye Mera Jogi)

डम डम डमरू बजाए मेरा जोगी,

जाने कैसी माया रचाए मेरा जोगी,

डम डम डमरू बजाये मेरा जोगी ॥


ध्यान में ये बैठा रखे सबकी खबर है,

भक्तो पे रखता ये अपनी नज़र है,

भक्तो पे जान लुटाए मेरा जोगी,

भक्तो पे जान लुटाए मेरा जोगी,

डम डम डमरू बजाये मेरा जोगी ॥


मेवा नहीं मांगे पकवान नहीं मांगे,

महल अटारी आलिशान नहीं मांगे,

भक्ति से खुश हो जाए मेरा जोगी,

भक्ति से खुश हो जाए मेरा जोगी,

डम डम डमरू बजाये मेरा जोगी ॥


शिव से है मिलना तो जानले ये रस्ता,

भोले भाले भक्तो के दिल में ये बसता,

भक्तो का दिल ना दुखाए मेरा जोगी,

भक्तो का दिल ना दुखाए मेरा जोगी,

डम डम डमरू बजाये मेरा जोगी ॥


इसके इशारे पे जग सारा डोले,

ॐ की ध्वनि सारा ब्रम्हांड बोले,

‘उर्मिल’ लीला दिखलाए मेरा जोगी,

‘उर्मिल’ लीला दिखलाए मेरा जोगी,

डम डम डमरू बजाये मेरा जोगी ॥


डम डम डमरू बजाए मेरा जोगी,

जाने कैसी माया रचाए मेरा जोगी,

डम डम डमरू बजाये मेरा जोगी ॥

हाथ जोड़ विनती करू तो सुनियो चित्त लगाये - विनती भजन (Shyam Puspanjali Shri Khatu Shyamji Vinati)

हाथ जोड़ विनती करूं सुणियों चित्त लगाय,
दास आ गयो शरण में रखियो इसकी लाज,

श्री रुद्राष्टकम् मंत्र (Sri Rudrashtakam Mantra)

॥ श्रीरुद्राष्टकम् ॥
नमामीशमीशान निर्वाणरूपं
विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् ।
निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं
चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥ १॥ ॥ Shrirudrashtakam ॥
namaamishmishan nirvanarupam
vibhum vyapakam bramvedasvarupam .
nijam nirgunam nirvikalpam niriham
chidakashamakashavasam bhaje̕ham . 1.

माता जानकी के जन्म से जुड़ी कथा

माता जानकी का जन्म अष्टमी तिथि को हुआ था, जब राजा जनक ने एक दिन खेत जोतते समय एक कन्या को पाया। उन्होंने उसे अपनी पुत्री के रूप में स्वीकार किया और उसका पालन-पोषण किया।

जल देवता की पूजा कैसे करें?

हिंदू धर्म में सभी देवी-देवताओं के एक विशेष स्थान और महत्व है। सभी देवी-देवताओं की पूजा भी विशेष रूप से करने का विधान हैं। वहीं देवी-देवताओं के साथ-साथ पंचतत्व की पूजा-अर्चना भी विशेष रूप की जाती है।

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