नवीनतम लेख

मेरी फरियाद सुन भोले(Meri Fariyad Sun Bhole)

मेरी फरियाद सुन भोले,

तेरे दर आया दीवाना,

मन की मुरादें पूरी कर,

सिवा तेरे ना कोई ठिकाना,

मेरी फरियाद सुन भोलें,

तेरे दर आया दीवाना ॥


कैसे मनाऊं तुझको भोले,

जानू ना तेरी पूजा,

तुझपे अर्पण जीवन मेरा,

तुझ बिन ना कोई दूजा,

मेरी अर्जी सुन भोले,

है हँसता सारा ज़माना,

मेरी फरियाद सुन भोलें,

तेरे दर आया दीवाना ॥


सच्चे मन से आया भोले,

दर्शन करने मैं तेरा,

दूध चढ़ा के तुमको रिझाऊं,

सुन संदेसा मेरा,

ये ‘राजा गोहेर’ मांगे प्रभु,

चरण धूलि का नजराना,

मेरी फरियाद सुन भोलें,

तेरे दर आया दीवाना ॥


मेरी फरियाद सुन भोले,

तेरे दर आया दीवाना,

मन की मुरादें पूरी कर,

सिवा तेरे ना कोई ठिकाना,

मेरी फरियाद सुन भोलें,

तेरे दर आया दीवाना ॥


ही आशा लेकर आती हूँ ( Yahi Aasha Lekar Aati Hu)

यही आशा लेकर आती हूँ,
हर बार तुम्हारे मंदिर में,

मैया री मैया एक खिलौना दिलवा दे (Maiya Ri Maiya Ek Khilona Dilwa De)

मैया री मैया एक खिलौना-
छोटा सा दिलवा दे

प्रदोष व्रत की कथा (Pradosh Vrat Ki Katha )

प्राचीनकाल में एक गरीब पुजारी हुआ करता था। उस पुजारी की मृत्यु के बाद उसकी विधवा पत्नी अपने भरण-पोषण के लिए पुत्र को साथ लेकर भीख मांगती हुई शाम तक घर वापस आती थी।

कथा कहिए भोले भण्डारी जी (Katha Kahiye Bhole Bhandari Ji)

पूछे प्यारी शैलकुमारी
कथा कहिए भोले भण्डारी जी ।

यह भी जाने