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दिन जिंदगी के चार, चाहे कम देना (Din Jindagi ke Char Chahe kam dena)

दिन जिंदगी के चार,

चाहे कम देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना,

तेरी चौखट पे,

जनम मरण देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना ॥


तेरे दरबार की,

मैं करूँ चाकरी,

दर पे भजनो से,

लगती रहे हाजरी,

मेरी अर्जी में,

थोड़ा वजन देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना ॥


एक पल ना बिसारु,

मैं बाबा तुझे,

सुख में दुःख में,

पुकारू प्रभु मैं तुझे,

मेरी वाणी में,

श्याम इतना दम देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना ॥


तेरे चरणों की रज,

सदा माथे धरूँ,

तेरी सेवा में,

तनमन समर्पित करूँ,

ऐसे अच्छे तू,

मुझको करम देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना ॥


जिंदगी का मेरे,

जब हो अंतिम सफर,

तेरे चरणों में,

रखा हो ‘रोमी’ का सर,

मेरे तन पे तेरे,

नाम का कफ़न देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना ॥


दिन जिंदगी के चार,

चाहे कम देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना,

तेरी चौखट पे,

जनम मरण देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना ॥

भक्तो का कल्याण करे रे, मेरा शंकर भोला (Bhakto Ka Kalyan Kare Re Mera Shankar Bhola)

भक्तो का कल्याण करे रे,
मेरा शंकर भोला,

फाल्गुन में देवताओं की पूजा

माघ पूर्णिमा के बाद फाल्गुन माह की शुरुआत होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह हिंदू वर्ष का अंतिम महीना होता है। इसके उपरांत हिन्दू नववर्ष आ जाएगा। फाल्गुन के महीने को फागुन का महीना भी कहा जाता है।

शिव का डमरू डम डम बाजे (Shiv Ka Damru Dam Dam Baje)

शिव का डमरू डम डम बाजे,
टोली कावड़ियों की नाचे,

मेरे श्याम धणी की मोरछड़ी(Mere Shyam Dhani Ki Morchadi)

मेरे श्याम धणी की मोरछड़ी,
पल भर में जादू कर जाएगी,

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