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दिन जिंदगी के चार, चाहे कम देना (Din Jindagi ke Char Chahe kam dena)

दिन जिंदगी के चार,

चाहे कम देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना,

तेरी चौखट पे,

जनम मरण देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना ॥


तेरे दरबार की,

मैं करूँ चाकरी,

दर पे भजनो से,

लगती रहे हाजरी,

मेरी अर्जी में,

थोड़ा वजन देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना ॥


एक पल ना बिसारु,

मैं बाबा तुझे,

सुख में दुःख में,

पुकारू प्रभु मैं तुझे,

मेरी वाणी में,

श्याम इतना दम देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना ॥


तेरे चरणों की रज,

सदा माथे धरूँ,

तेरी सेवा में,

तनमन समर्पित करूँ,

ऐसे अच्छे तू,

मुझको करम देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना ॥


जिंदगी का मेरे,

जब हो अंतिम सफर,

तेरे चरणों में,

रखा हो ‘रोमी’ का सर,

मेरे तन पे तेरे,

नाम का कफ़न देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना ॥


दिन जिंदगी के चार,

चाहे कम देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना,

तेरी चौखट पे,

जनम मरण देना,

मुझे खाटू में अगला,

जनम देना ॥

वन में चले रघुराई (Van Me Chale Raghurai )

वन में चले रघुराई,
संग उनके सीता माई,

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ॐ मंगलम ओमकार मंगलम
[ ॐ मंगलम ओमकार मंगलम ]

गजानंद वन्दन करते है (Gajanand Vandan Karte Hain)

गजानंद वंदन करते है ॥
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