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गाइये गणपति सुबहो शाम(Gaiye Ganpati Subaho Shaam)

गाइये गणपति सुबहो शाम,

मंगलमूर्ति मंगलकारी,

पावनकारी तेरो नाम,

गाइये गणपति सुबहों शाम ॥


रिद्धि सिद्धि के तुम ही ज्ञाता,

तुम ही देते विद्या ज्ञान,

भक्तजनों के तुम ही ध्याता,

जग सारा है तेरा धाम,

गाइये गणपति सुबहों शाम ॥


तेरी शरण में जो भी आया,

पाए जग में शीतल छाया,

सारा जग है तेरी माया,

सफल करता तू सब काम,

गाइये गणपति सुबहों शाम ॥


गाइये गणपति सुबहो शाम,

मंगलमूर्ति मंगलकारी,

पावनकारी तेरो नाम,

गाइये गणपति सुबहों शाम ॥

पहिले पहिल हम कईनी

पहिले पहिल हम कईनी,
छठी मईया व्रत तोहर,

तू शब्दों का दास रे जोगी - भजन (Tu Sabdon Ka Das Re Jogi)

सबदा मारा मर गया,
सबदा छोडियो राज ।

कब और क्यों मनाई जाती है मौनी अमावस्या?

मौनी अमावस्या हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है जो माघ माह की अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन पिंडदान, तर्पण, अन्न और धन का दान, पवित्र नदी में स्नान और मौन व्रत किया जाता है।

भोले की सवारी देखो आई रे (Bhole Ki Sawari Dekho Aayi Re)

बाबा की सवारी देखो आई रे,
भोले की सवारी देखो आई रे,

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