नवीनतम लेख

गजानंद महाराज पधारो कीर्तन की तैयारी है(Gajanand Maharaj Padharo Kirtan Ki Taiyari Hai)

प्रथम मनाये गणेश के, ध्याऊ शारदा मात,

मात पिता गुरु प्रभु चरण मे, नित्य नमाऊ माथ॥

गजानंद महाराज पधारो,

कीर्तन की तैयारी है,

आओ आओ बेगा आओ,

चाव दरस को भारी है॥


थे आवो ज़द काम बणेला,

था पर म्हारी बाजी है,

रणत भंवर गढ़ वाला सुणलो,

चिन्ता म्हाने लागि है,

देर करो मत ना तरसाओ,

चरणा अरज ये म्हारी है,

॥गजानन्द महाराज पधारो..॥


रीद्धी सिद्धी संग आओ विनायक,

देवों दरस थारा भगता ने,

भोग लगावा ढोक लगावा,

पुष्प चढ़ावा चरणा मे,

गजानंद थारा हाथा मे,

अब तो लाज हमारी है,

॥गजानन्द महाराज पधारो..॥


भगता की तो विनती सुनली,

शिव सूत प्यारो आयो है,

जय जयकार करो गणपति की,

म्हारो मन हर्शायो है,

बरसेंगा अब रस कीर्तन मे,

भगतौ महिमा भारी है,

॥गजानन्द महाराज पधारो..॥


गजानंद महाराज पधारो,

कीर्तन की तैयारी है,

आओ आओ बेगा आओ,

चाव दरस को भारी है॥


शिव के 108 नामों के जाप

26 फरवरी को इस बार महाशिवरात्रि का पर्व है। ये दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक शिवरात्रि के दिन माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ है।

मंगलदेव की पूजा किस विधि से करें?

ज्योतिष शास्त्र में मंगलदेव को युद्ध का देवता कहा जाता है। इनकी पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को ऊर्जा और साहस मिलती है। वहीं अगर किसी जातक की कुंडली में मंगल उच्च स्थिति मे होते हैं, तो उन्हें मांगलिक कहा जाता है।

अथ दुर्गाद्वात्रिंशन्नाममाला (Ath Durgadwatrishanmala)

श्री दुर्गा द्वात्रिंशत नाम माला" देवी दुर्गा को समर्पित बत्तीस नामों की एक माला है। यह बहुत ही प्रभावशाली स्तुति है। मनुष्य सदा किसी न किसी भय के अधीन रहता है।

माँ शारदा भवानी, बैठी है देखो कैसे(Maa Sharda Bhawani Bethi Hai Dekho Kaise)

माँ शारदा भवानी,
बैठी है देखो कैसे,

यह भी जाने