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गोरा रानी ने जपी ऐसी माला (Gaura Rani Ne Japi Aisi Mala)

गौरा रानी ने जपी ऐसी माला,

मिला है देखो डमरू वाला ॥


गौरा से बोले शम्भू काहे पुकारा,

गौरा जी बोली चाहूँ साथ तुम्हारा,

तुम जैसा नाथ नहीं कोई निराला,

गोरा रानी ने जपी ऐसी माला,

मिला है देखो डमरू वाला ॥


महलों की रानी तू है मैं हूँ एक जोगी,

मेरे संग गौरा तुम कैसे रहोगी,

शमशान पर्वत पे मैं रहने वाला,

गोरा रानी ने जपी ऐसी माला,

मिला है देखो डमरू वाला ॥


जहाँ रहोगे भोले मैं भी रहूंगी,

दासी तुम्हारी बनके सेवा करुँगी,

गौरा ने शिवजी को डाली वर माला,

गोरा रानी ने जपी ऐसी माला,

मिला है देखो डमरू वाला ॥


गौरा के ह्रदय में शिव जी बसे है,

जन्मो के बंधन में दोनों बंधे है,

वैरागी दोनों ने जग को संभाला,

गोरा रानी ने जपी ऐसी माला,

मिला है देखो डमरू वाला ॥


गौरा रानी ने जपी ऐसी माला,

मिला है देखो डमरू वाला ॥

ये उत्सव बजरंग बाले का, ये लाल लंगोटे वाले का (Ye Utsav Bajrang Bala Ka Ye Lal Langote Wale Ka)

ये उत्सव बजरंग बाले का,
ये लाल लंगोटे वाले का,

भगवान बुद्ध वन्दना (Bhagwan Buddha Vandana)

नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स ।
नमो तस्स भगवतो अरहतो सम्मा सम्बुद्धस्स ।

श्री गणेश चालीसा

जय गणपति सद्गुण सदन कविवर बदन कृपाल।
विघ्न हरण मंगल करण जय जय गिरिजालाल॥

दुर्गा चालीसा पाठ

धार्मिक मान्यता है कि मासिक दुर्गाष्टमी के दिन सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और व्रत करने से जातक की हर मनोकामना पूरी होती है। इस दिन दुर्गा चालीसा का पाठ जरूर करना चाहिए।

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