नवीनतम लेख

Gokul Ki Har Gali Mein Mathura Ki Har Gali Me Lyrics (गोकुल की हर गली मे, मथुरा की हर गली मे)

गोकुल की हर गली मे,

मथुरा की हर गली मे ॥


गोकुल की हर गली मे,

मथुरा की हर गली मे,

कान्हा को ढूँढ़ता हूँ,

दुनिया की हर गली मे ॥


गोकुल गया तो सोचा,

माखन चुराता होगा,

या फ़िर कदम्ब के नीचे,

बंसी बजाता होगा,

गोकुल की हरगली मे,

ग्वालिन की हर गली मे,

कृष्णा को ढूँढ़ता हूँ,

दुनिया की हर गली मे ॥


शायद किसी बहन की,

साड़ी बढ़ाता होगा,

या फिर वो बिष का प्याला,

अमृत बनाता होगा,

भक्तो की हर गली मे,

प्रेमी की हर गली मे,

कान्हा को ढूँढ़ता हूँ,

दुनिया की हर गली मे ॥


ढूंढा गली गली में,

खोजा डगर डगर में,

मुझको मिला कन्हैया,

दिल वालो की गली में,

गुजरी की हर गली में,

प्रेमी की हर गली मे,

कान्हा को ढूँढ़ता हूँ,

दुनिया की हर गली मे ॥


गोकुल की हर गली मे,

मथुरा की हर गली मे,

कान्हा को ढूँढ़ता हूँ,

दुनिया की हर गली मे ॥

तकदीर मुझे ले चल, मैय्या जी की बस्ती में

दरबार में हर रंग के दीवाने मिलेंगे,
( दरबार में हर रंग के दीवाने मिलेंगे,)

गोवर्धन पूजा की कथा

गोवर्धन पूजा एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो भगवान कृष्ण की महिमा और उनके भक्तों के प्रति उनके प्रेम का उत्सव मनाता है। इस त्योहार के दौरान, एक पारंपरिक प्रथा है जिसमें गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाई जाती है।

ओ पवन पुत्र हनुमान राम के, परम भक्त कहलाए (O Pawan Putra Hanuman Ram Ke Param Bhakt Kahlaye)

ओ पवन पुत्र हनुमान राम के,
परम भक्त कहलाए,

सिद्ध-कुञ्जिका स्तोत्रम् (Siddha Kunjika Stotram)

सिद्ध-कुञ्जिका स्तोत्रम् श्रीरूद्रयामल के मन्त्र से सिद्ध है और इसे सिद्ध करने की जरूरत नहीं होती है। इस स्तोत्र को परम कल्याणकारी और चमत्कारी माना जाता है।

यह भी जाने