नवीनतम लेख

हनुमत के गुण गाते चलो (Hanumat Ke Gun Gate Chalo)

हनुमत के गुण गाते चलो,

प्रेम की श्रद्धा बहाते चलो,

राह में आए जो कोई दुखी,

किरपा सभी पे बहाते चलो,

प्रेम की श्रद्धा बहाते चलो ॥


सारी दुनिया ने ठुकराया,

द्वार पे अर्जी लगाया,

चारों ओर अँधेरा छाया,

तब मैंने तुझको बुलाया,

आशा के दीप जलाते चलो,

किरपा सभी पे बहाते चलो,

प्रेम की श्रद्धा बहाते चलो ॥


भक्तों के हो तुम प्रतिपाला,

संकट मोचन बाला,

गल वैजन्ती माला सुन्दर,

लाल लंगोटे वाला,

सारे जग में है तेरा ही नाम,

किरपा सभी पे बहाते चलो,

प्रेम की श्रद्धा बहाते चलो ॥


चारों ओर है सिर्फ निराशा,

केवल तेरी ही आशा,

मैंने जब जब तुझको पुकारा,

तेरी शरण ही सहारा,

ध्यान लगा के रटते चलो,

किरपा सभी पे बहाते चलो,

प्रेम की श्रद्धा बहाते चलो ॥


हनुमत के गुण गाते चलो,

प्रेम की श्रद्धा बहाते चलो,

राह में आए जो कोई दुखी,

किरपा सभी पे बहाते चलो,

प्रेम की श्रद्धा बहाते चलो ॥

बनवारी ओ कृष्ण मुरारी (Banwari O Krishna Murari)

बनवारी ओ कृष्ण मुरारी,
बता कुण मारी,

भीष्म अष्टमी पर करें गंगा स्नान

भीष्म अष्टमी सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह दिन विशेष रूप से पितरों को समर्पित होता है, खासकर उन लोगों के लिए जिनके वंश में संतान नहीं होती। यह पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।

जीमो जीमो साँवरिया थे (Jeemo Jeemo Sanwariya Thye)

जीमो जीमो साँवरिया थे,
आओ भोग लगाओ जी,

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी स्त्रोत

पौष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को अखुरथ संकष्टी चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है।

यह भी जाने