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हे जगवंदन गौरी नन्दन, नाथ गजानन आ जाओ (Hey Jag Vandan Gauri Nandan Nath Gajanan Aa Jao)

हे जगवंदन गौरी नन्दन,

नाथ गजानन आ जाओ,

शिव शंकर के राज दुलारे,

आके दर्श दिखा जाओ,

हे जगवँदन गौरी नंदन,

नाथ गजानन आ जाओ ॥


रिद्धि सिद्धि के स्वामी हो तुम,

शुभ और लाभ के दाता हो,

एक दन्त हो दयावंत हो,

तुम ब्रह्मांड के ज्ञाता हो,

विघ्न विनाशक नाम तुम्हारा,

मेरे विघ्न मिटा जाओ,

हे जगवँदन गौरी नंदन,

नाथ गजानन आ जाओ ॥


सब देवों में सबसे पहले,

होती तेरी ही पूजा,

तीनो लोकों में हे स्वामी,

कोई नही तुमसा दूजा,

मूषक की करके असवारी,

लड्डुअन भोग लगा जाओ,

हे जगवँदन गौरी नंदन,

नाथ गजानन आ जाओ ॥


हम सेवक नादान तुम्हारे,

भजन भाव कुछ ना जाने,

इस संसार में सबसे ज्यादा,

देवा बस तुमको माने,

‘त्यागी’ की ये विनती सुनलो,

कारज सफल बना जाओ,

हे जगवँदन गौरी नंदन,

नाथ गजानन आ जाओ ॥


हे जगवंदन गौरी नन्दन,

नाथ गजानन आ जाओ,

शिव शंकर के राज दुलारे,

आके दर्श दिखा जाओ,

हे जगवँदन गौरी नंदन,

नाथ गजानन आ जाओ ॥

बिल्वाष्टकम् (Bilvashtakam)

त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधं, त्रिजन्मपापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥1॥

शिवलिंग पर जलाभिषेक क्यों

महाशिवरात्रि भगवान शिव का पवित्र त्योहार है। इस बार शिवरात्रि 26 फरवरी को मनाई जाएगी। माना जाता है कि इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था।

क्या है वैदिक मंत्र?

दिक मंत्र सदियों से सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म का अभिन्न हिस्सा रहा हैं। ये मंत्र प्राचीन वैदिक साहित्य से उत्पन्न हुए हैं और इनका उल्लेख वेदों, उपनिषदों और अन्य धर्मग्रंथों में भी मिलता है।

प्रदोष व्रत के नियम

शनि प्रदोष का दिन भगवान भोलेनाथ के साथ शनिदेव की पूजा-आराधना के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन शनिदेव और शिवजी की पूजा करने से जीवन के समस्त दुखों से छुटकारा मिलता है और शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा समेत अन्य परेशानियां भी दूर होती है।

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