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हे जगवंदन गौरी नन्दन, नाथ गजानन आ जाओ (Hey Jag Vandan Gauri Nandan Nath Gajanan Aa Jao)

हे जगवंदन गौरी नन्दन,

नाथ गजानन आ जाओ,

शिव शंकर के राज दुलारे,

आके दर्श दिखा जाओ,

हे जगवँदन गौरी नंदन,

नाथ गजानन आ जाओ ॥


रिद्धि सिद्धि के स्वामी हो तुम,

शुभ और लाभ के दाता हो,

एक दन्त हो दयावंत हो,

तुम ब्रह्मांड के ज्ञाता हो,

विघ्न विनाशक नाम तुम्हारा,

मेरे विघ्न मिटा जाओ,

हे जगवँदन गौरी नंदन,

नाथ गजानन आ जाओ ॥


सब देवों में सबसे पहले,

होती तेरी ही पूजा,

तीनो लोकों में हे स्वामी,

कोई नही तुमसा दूजा,

मूषक की करके असवारी,

लड्डुअन भोग लगा जाओ,

हे जगवँदन गौरी नंदन,

नाथ गजानन आ जाओ ॥


हम सेवक नादान तुम्हारे,

भजन भाव कुछ ना जाने,

इस संसार में सबसे ज्यादा,

देवा बस तुमको माने,

‘त्यागी’ की ये विनती सुनलो,

कारज सफल बना जाओ,

हे जगवँदन गौरी नंदन,

नाथ गजानन आ जाओ ॥


हे जगवंदन गौरी नन्दन,

नाथ गजानन आ जाओ,

शिव शंकर के राज दुलारे,

आके दर्श दिखा जाओ,

हे जगवँदन गौरी नंदन,

नाथ गजानन आ जाओ ॥

मन फूला फूला फिरे जगत में(Mann Fula Fula Phire Jagat Mein)

मन फूला फूला फिरे,
जगत में कैसा नाता रे ॥

Shri Vishnu Chalisa (श्री विष्णु चालीसा)

विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय ।
कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥

मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि

मासिक शिवरात्रि व्रत काफ़ी शुभ माना जाता है। यह त्योहार हर मास कृष्ण पक्ष के 14वें दिन मनाया जाता है। इस बार यह व्रत शुक्रवार, 29 नवंबर 2024 के दिन मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भक्त इस तिथि पर व्रत रखते हैं और पूजा करते हैं, उन्हें सुख-शांति और धन-वैभव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। कहा जाता है कि शिव जी की कृपा प्राप्त करने के लिए यह व्रत काफ़ी महत्वपूर्ण है।

चैत्र प्रदोष व्रत की तिथियां और मुहूर्त

सनातन धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष व्रत महादेव और माता पार्वती को समर्पित है।

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