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जय जय देवा जय गणपति देवा (Jai Jai Deva Jai Ganpati Deva)

जय जय देवा जय गणपति देवा,

माता है गौरी पिता महादेवा,

मूषक आपकी सवारी है देवा,

माता है गौरी, पिता महादेवा,

जय जय देवा ॥


एक दन्त दयावन्त चार भुजाधारी,

लड्डुअन का भोग लगे मूसे की सवारी,

भोग लगता मोदक और मेवा,

माता है गौरी पिता महादेवा,

जय जय देवा ॥


सबसे पहले होता है आपका पूजन,

गणपति बप्पा पुकारे सारे भक्तजन,

ऋषि मुनि संत भक्त करे सेवा,

माता है गौरी पिता महादेवा,

जय जय देवा ॥


ओढ़ के चुनरिया लाल, मैया जी मेरे घर आना (Odh Ke Chunariya Lal Maiya Ji Mere Ghar Aana)

ओढ़ के चुनरिया लाल,
मैया जी मेरे घर आना,

मां सरस्वती पूजा विधि

माँ सरस्वती जो ज्ञान, संगीत, कला और शिक्षा की महादेवी मानी जाती हैं। इनकी पूजा विशेष रूप से माघ शुक्ल पंचमी यानी बसंत पंचमी के दिन की जाती है।

राम आ गए, धन्य भाग्य शबरी हर्षाए(Ram Aa Gaye Dhanya Bhagya Sabari Harshaye)

राम आ गए,
धन्य भाग्य शबरी हर्षाए ॥

बुधदेव की पूजा किस विधि से करें?

ज्योतिष शास्त्र में बुधदेव को सभी ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है और इन्हें ज्ञान, वाणी, बुद्धि और व्यापार का कारक माना जाता है।

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