नवीनतम लेख

जरा फूल बिछा दो आँगन में, मेरी मैया आने वाली है: भजन (Jara Phool Bicha Do Aangan Mein Meri Maiya Aane Wali Hai)

जरा फूल बिछा दो आँगन में,

मेरी मैया आने वाली है,

मेरी मैया आने वाली है,

मेरी मैया आने वाली है,

जरा फूल बिछा दो आंगन में,

मेरी मैया आने वाली है ॥


कोई मैया की पायल लाओ,

कोई मैया के बिछुए लाओ,

सब मैया की जयकार करो,

मेरी मैया आने वाली है,

जरा फूल बिछा दो आंगन में,

मेरी मैया आने वाली है ॥


कोई मैया के कंगन लाओ,

कोई मैया की चूड़ी लाओ,

सब मैया की जयकार करो,

मेरी मैया आने वाली है,

जरा फूल बिछा दो आंगन में,

मेरी मैया आने वाली है ॥


कोई मैया के कुंडल लाओ,

कोई मैया के झुमके लाओ,

सब मैया की जयकार करो,

मेरी मैया आने वाली है,

जरा फूल बिछा दो आंगन में,

मेरी मैया आने वाली है ॥


कोई हलवा पूरी ले आओ,

कोई ध्वजा नारियल ले आओ,

सब मैया की जयकार करो,

मेरी मैया आने वाली है,

जरा फूल बिछा दो आंगन में,

मेरी मैया आने वाली है ॥


जरा फूल बिछा दो आँगन में,

मेरी मैया आने वाली है,

मेरी मैया आने वाली है,

मेरी मैया आने वाली है,

जरा फूल बिछा दो आंगन में,

मेरी मैया आने वाली है ॥

बंसी बजाय गयो श्याम (Bansi Bajaye Gayo Shyam)

बंसी बजाय गयो श्याम,
मोसे नैना मिलाय के,

फाग खेलन बरसाने आये हैं, नटवर नंद किशोर (Faag Khelan Barasane Aaye Hain Natwar Nand Kishore)

फाग खेलन बरसाने आये हैं,
नटवर नंद किशोर ।

नवरात्रि सम्पूर्ण पूजन विधि

नवरात्रि माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का पावन पर्व है। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में इसे बड़े श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया जाता है। एक वर्ष में चार बार नवरात्र आते हैं—चैत्र, आषाढ़, माघ और शारदीय नवरात्र।

हमको अपनी भारत की माटी से अनुपम प्यार है (Hamako Apani Bharat Ki Mati Se Anupam Pyar Hai)

इस धरती पर जन्म लिया था दसरथ नंन्दन राम ने,
इस धरती पर गीता गायी यदुकुल-भूषण श्याम ने ।

यह भी जाने