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झूले पलना में कृष्ण कन्हैया(Jhule Palna Mein Krishna Kanhaiya)

झूले पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में ॥


नन्द भवन की शोभा न्यारी,

तीन लोक जाएं बलिहारी,

बाजे नोपत ढोल शहनईया,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में ॥


धन्य भयो नन्द बाबा को अंगना,

पूरण ब्रम्ह झूल रह्यो पलना,

श्याम तन पे पीत झगुलिया,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में ॥


मंगल गावे मिल ब्रजनारी,

जायो यशोदा ने गिरवर धारी,

झूमे नाचे ग्वाल ग्वालिनिया,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में ॥


‘चित्र विचित्र’ जब सुनी खबरिया,

आये पकड़ ‘पागल’ की अंगुलिया,

जीवे जुग जुग नन्द जु को छैया,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में ॥


झूले पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में ॥

सकट चौथ व्रत कथा

सकट चौथ पर भगवान गणेश की पूजा के साथ-साथ व्रत कथा का पाठ करना भी अनिवार्य माना जाता है। ऐसा करने से व्रतधारी को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और उसके जीवन से सभी संकट दूर हो जाते हैं।

लेके पूजा की थाली

लेके पूजा की थाली, ज्योत मन की जगा ली
तेरी आरती उतारूँ, भोली माँ
तू जो दे-दे सहारा, सुख जीवन का सारा
तेरे चरणों पे वारूँ, भोली माँ

तेरे द्वार पे आने वालो ने, क्या अजब नज़ारा देखा है (Tere Dawar Pe Aane Walon Ne Kya Ajab Nazara Dekha Hai)

तेरे द्वार पे आने वालो ने,
क्या अजब नज़ारा देखा है,

क्यों मनाते हैं रथ सप्तमी

रथ सप्तमी सनातन हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। यह माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। 2025 में यह त्योहार 4 फरवरी को मनाई जाएगी।

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