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झूले पलना में कृष्ण कन्हैया(Jhule Palna Mein Krishna Kanhaiya)

झूले पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में ॥


नन्द भवन की शोभा न्यारी,

तीन लोक जाएं बलिहारी,

बाजे नोपत ढोल शहनईया,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में ॥


धन्य भयो नन्द बाबा को अंगना,

पूरण ब्रम्ह झूल रह्यो पलना,

श्याम तन पे पीत झगुलिया,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में ॥


मंगल गावे मिल ब्रजनारी,

जायो यशोदा ने गिरवर धारी,

झूमे नाचे ग्वाल ग्वालिनिया,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में ॥


‘चित्र विचित्र’ जब सुनी खबरिया,

आये पकड़ ‘पागल’ की अंगुलिया,

जीवे जुग जुग नन्द जु को छैया,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में ॥


झूले पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

बधाई बाजे गोकुल में,

झूलें पलना में कृष्ण कन्हैया,

बधाई बाजे गोकुल में ॥

म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश(Mhane Jambhoji Diyo Upadesh)

म्हाने जाम्भोजी दीयो उपदेश,
भाग म्हारो जागियो ॥

श्री बृहस्पतिवार/गुरुवार की व्रत कथा (Shri Brispatvaar /Guruvaar Ki Vrat Katha

भारतवर्ष में एक राजा राज्य करता था वह बड़ा प्रतापी और दानी था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्मणों की सहायता करता था।

मोक्षदा एकादशी के दिन क्या करें और क्या नहीं

हिंदू धर्म में मोक्षदा एकादशी को अत्यंत शुभ और पुण्यकारी माना गया है। यह पर्व हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस वर्ष मोक्षदा एकादशी 11 दिसंबर 2024 को मनाई जाएगी।

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