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लेके पूजा की थाली

लेके पूजा की थाली, ज्योत मन की जगा ली

तेरी आरती उतारूँ, भोली माँ

तू जो दे-दे सहारा, सुख जीवन का सारा

तेरे चरणों पे वारूँ, भोली माँ

ओ, माँ, ओ, माँ


लेके पूजा की थाली, ज्योत मन की जगा ली

तेरी आरती उतारूँ, भोली माँ

तू जो दे-दे सहारा, सुख जीवन का सारा

तेरे चरणों पे वारूँ, भोली माँ

ओ, माँ, ओ, माँ


धूल तेरे चरणों की लेकर माथे तिलक लगाया।

हो, धूल तेरे चरणों की लेकर माथे तिलक लगाया।

यही कामना लेकर, मैय्या, द्वार तेरे मैं आया।

रहूँ मैं तेरा हो के, तेरी सेवा में खो के।

सारा जीवन गुज़ारूँ, भोली माँ।

तू जो दे-दे सहारा, सुख जीवन का सारा।

तेरे चरणों पे वारूँ, भोली माँ

ओ, माँ, ओ, माँ


सफल हुआ ये जनम कि मैं था जन्मों से कंगाल।

हो, सफल हुआ ये जनम कि मैं था जन्मों से कंगाल।

तूने भक्ति का धन दे के कर दिया मालामाल।

रहें जब तक ये प्राण, करूँ तेरा ही ध्यान।

नाम तेरा पुकारूँ, भोली माँ।

तू जो दे-दे सहारा, सुख जीवन का सारा।

तेरे चरणों पे वारूँ, भोली माँ

ओ, माँ, ओ, माँ


लेके पूजा की थाली, ज्योत मन की जगा ली।

तेरी आरती उतारूँ, भोली माँ।

तू जो दे-दे सहारा, सुख जीवन का सारा।

तेरे चरणों पे वारूँ, भोली माँ।

ओ, माँ, ओ, माँ

ओ, माँ, ओ, माँ


श्री राम स्तुति: नमामि भक्त वत्सलं (Namami Bhakt Vatsalan)

नमामि भक्त वत्सलं ।
कृपालु शील कोमलं ॥

किस दिन है चंपा षष्ठी का व्रत

चंपा षष्ठी का पर्व भारत के प्राचीन त्योहारों में से एक है, जो विशेष रूप से भगवान शिव के खंडोबा स्वरूप और भगवान कार्तिकेय की पूजा के लिए समर्पित है। मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को यह व्रत मनाया जाता है।

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन (Hey Dukh Bhanjan Maruti Nandan)

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन,
सुन लो मेरी पुकार ।

भजमन राम चरण सुखदाई (Bhajman Ram Charan Sukhdayi)

भजमन राम चरण सुखदाई,
भजमन राम चरण सुखदाई ॥