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कहन लागे मोहन मैया मैया (Kahan Lage Mohan Maiya Maiya)

कहन लागे मोहन मैया मैया,

पिता नंद महर सों बाबा बाबा,

और हलधर सों भैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,


ऊँचे चढ़ चढ़ कहती जशोदा,

लै लै नाम कन्हैया,

ले ले नाम कन्हैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,


दूर खेलन जन जाहूं लाल रे,

मारैगी काहूँ की गैयाँ,

मारेगी काहू की गैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,


गोपी ग्वाल करत कौतूहल घर घर बजति बधैयाँ,

घर घर बजती बधैया,

घर घर बजती बधैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,


मणि खमबन प्रति बिन बिलोकत

हो नाचत कुवर निज कन्हियाँ

कहन लागे मोहन मैया मैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,


सूरदास प्रभु तुम्हरे दरस कों चरननि की बलि जैयाँ,

चरननि की बलि जैया, बलि जैया

कहन लागे मोहन मैया मैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया,

कहन लागे मोहन मैया मैया (Kahan Lage Mohan Maiya Maiya)

कहन लागे मोहन मैया मैया,
पिता नंद महर सों बाबा बाबा,

विष्णुशयनी एकादशी एवं चातुर्मास व्रत (Vishnushayanee Ekaadashee Evan Chaaturmaas Vrat)

इस एकादशी का नाम विष्णुशयनी भी है। इसी दिन विष्णुजी का व्रत एवं चातुर्मास्य व्रत प्रारम्भ करना विष्णु पुराण से प्रकट होता है।

वनदेवी की पूजा किस विधि से करें?

हिंदू धर्म में वनदेवी को जंगलों, वनस्पतियों, और वन्य जीवों की अधिष्ठात्री माना जाता है। वे प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन का प्रतीक हैं। इतना ही नहीं, कई आदिवासी समुदायों में वनदेवी को आराध्य देवी के रूप में पूजा जाता है।

मै तो लाई हूँ दाने अनार के (Main To Layi Hu Daane Anaar Ke)

मैं तो लाई हूँ दाने अनार के,
मेरी मैया के नौ दिन बहार के ॥

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