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ले चल अपनी नागरिया, अवध बिहारी साँवरियाँ(Le Chal Apni Nagariya, Avadh Bihari Sanvariya)

ले चल अपनी नागरिया,

अवध बिहारी साँवरियाँ ।

अवध बिहारी सांवरिया,

लें चल अपनी नागरिया ।

ले चल अपनी नागरिया,

अवध बिहारी साँवरियाँ ॥


सरयू के तीर अयोध्या नगरी,

सरयू के तीर अयोध्या नगरी,

संत भरे जहाँ गागरिया,

संत भरे जहाँ गागरिया ,

अवध बिहारी सांवरिया,

लें चल अपनी नागरिया,

ले चल अपनी नागरिया,

अवध बिहारी साँवरियाँ ॥


कनक भवन सिया रघुवर राजे,

कनक भवन सिया रघुवर राजे,

देख भई मैं बावरिया,

देख भई मैं बावरिया,

अवध बिहारी सांवरिया,

लें चल अपनी नागरिया,

ले चल अपनी नागरिया,

अवध बिहारी साँवरियाँ ॥


ले चल अपनी नागरिया,

अवध बिहारी साँवरियाँ,

अवध बिहारी सांवरिया,

लें चल अपनी नागरिया,

ले चल अपनी नागरिया,

अवध बिहारी साँवरियाँ ॥


षटतिला एकादशी व्रत कथा

सनातन धर्म में एकादशी तिथि भगवान विष्णु को बेहद प्रिय है। पंचांग के अनुसार, माघ महीने की एकादशी तिथि को ही षटतिला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के संग मां लक्ष्मी की पूजा-व्रत करने से का विधान है।

बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी भिखरिया (Baba Baijnath Hum Aael Chhi Bhikhariya)

बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी भिखरिया,
अहाँ के दुअरिया ना,

पुत्रदा एकादशी 2025

पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा या वैकुंठ एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन पुत्र या संतान प्राप्ति के लिए उपाय करने से सफलता मिलती है। मान्यता है कि पुत्रदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

गुड़ी पड़वा 2025 कब है

सनातन धर्म में गुड़ी पड़वा त्योहार का विशेष महत्व है। इस त्योहार को चैत्र के महीने में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है, और इस तिथि से चैत्र नवरात्र शुरू होता है। इसके साथ ही हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है।

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